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बहादुरगढ़ में विधायक और नगर परिषद चेयरपर्सन में फिर जुबानी जंग

Bahadurgarh Politics : बहादुरगढ़ में विकास कार्यों के उद्घाटन और शिलान्यास को लेकर स्थानीय नगर परिषद चेयरपर्सन सरोज राठी और विधायक राजेश जून के बीच राजनीतिक श्रेय लेने को लेकर खींचतान और बयानबाजी एक बार फिर देखने को मिली है। इससे बहादुरगढ़ की राजनीति में विकास कार्यों को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। फिलहाल मामला विकास कार्यों से आगे बढ़कर राजनीतिक श्रेय और नगर परिषद की कार्यप्रणाली को लेकर चल रही खींचतान का रूप ले चुका है।

झज्जर जिले के बहादुरगढ़ शहर में विकास कार्यों के शिलान्यास और उद्घाटन को लेकर नगर परिषद चेयरपर्सन सरोज राठी और विधायक राजेश जून के बीच विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। सेक्टर-2 में करीब साढ़े 7 करोड़ रुपए की लागत से होने वाले विकास कार्यों के शुभारंभ के बाद दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर सवाल उठाए गए हैं।

निर्दलीय विधायक राजेश जून की ओर से आरोप लगाया गया कि उनके निर्देश के बिना नगर परिषद की ओर से कराए जा रहे कार्यों का शिलान्यास किया जा रहा है। उन्होंने शिलान्यास को लेकर सवाल उठाते हुए इसे जनता को गुमराह करने वाला कदम बताया। विधायक का कहना है कि विकास कार्यों में जनप्रतिनिधियों की भूमिका और स्वीकृति से जुड़े नियमों का पालन होना चाहिए।

बहादुरगढ़ में विधायक और नगर परिषद चेयरपर्सन में फिर जुबानी जंग

वहीं नगर परिषद चेयरपर्सन सरोज राठी ने विधायक के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि नगर परिषद के काम किसी विधायक के निर्देश पर नहीं होते। उन्होंने कहा कि परिषद के पार्षदों के प्रस्तावों और नियमानुसार प्रक्रिया के तहत विकास कार्य कराए जाते हैं। सरोज राठी ने कहा कि शहर में विकास कार्य किसी एक व्यक्ति का प्रयास नहीं, बल्कि सामूहिक प्रयास हैं। उन्होंने कहा कि परिषद की ओर से कराए जा रहे विकास कार्य मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन में आगे बढ़ रहे हैं।

सेक्टर-2 के विकास कार्यों के शुभारंभ पर विवाद

सेक्टर-2 में विकास कार्यों के शुभारंभ के दौरान चेयरपर्सन सरोज राठी, भाजपा विधानसभा प्रत्याशी दिनेश कौशिक, पार्षद बलराम दलाल और पार्षद कुलदीप राठी समेत अन्य लोग मौजूद रहे। नारियल फोड़कर विकास कार्यों का शुभारंभ किया गया।

चेयरपर्सन ने कहा कि इन कार्यों के लिए पार्षदों की ओर से प्रस्ताव दिए गए थे और प्रक्रिया के तहत इन्हें मंजूरी मिली है। उन्होंने यह भी कहा कि वित्त एवं अनुबंध समिति की बैठकों में विकास कार्यों से जुड़े प्रस्तावों पर निर्णय लिया जाता है।

पहले भी आमने-सामने हो चुके दोनों पक्ष

शिलान्यास को लेकर विधायक और चेयरपर्सन के बीच यह पहला विवाद नहीं है। इससे पहले भी नगर परिषद के विकास कार्यों और राजनीतिक श्रेय को लेकर दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी सामने आती रही है। अब सेक्टर-2 में हुए विकास कार्यों के शुभारंभ के बाद विवाद एक बार फिर खुलकर सामने आ गया है।

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