PM मोदी की अपील पर तेजस्वी यादव का तीखा हमला मचा सियासी बवाल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गाड़ियों के कम इस्तेमाल और ईवी (EV) अपनाने की अपील के बीच खुद उनके काफिले में भी कटौती किए जाने की चर्चा राजनीतिक बहस का विषय बन गई है। एनडीए और बीजेपी के कई नेता व मंत्री भी अब गाड़ियों की संख्या कम कर रहे हैं और इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं। हालांकि सरकार की इस पहल को एक ओर सकारात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है, वहीं विपक्ष ने इसे लेकर तीखा हमला बोला है और सरकार पर स्पष्ट विजन और रोडमैप की कमी का आरोप लगाया है।
तेजस्वी यादव का हमला, ‘सरकार के पास नहीं है कोई रोडमैप’
पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार अपीलें कर रहे हैं, लेकिन देश की वास्तविक समस्याओं के समाधान पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। तेजस्वी ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार की जिम्मेदारी समस्याओं का समाधान करना है, न कि केवल अपील करना। उन्होंने नोटबंदी का जिक्र करते हुए कहा कि उससे देश को फायदा नहीं बल्कि नुकसान हुआ, कई लोग बेरोजगार हुए और उद्योग प्रभावित हुए। उनके अनुसार सरकार के पास कोई ठोस विजन या रोडमैप नहीं है।

लॉकडाउन की अटकलों पर प्रतिक्रिया, ‘सरकार जो चाहे करे’
पत्रकारों द्वारा लॉकडाउन की संभावनाओं को लेकर पूछे गए सवाल पर तेजस्वी यादव ने कहा कि यदि सरकार कोई कदम उठाना चाहती है तो वह उसका निर्णय है। उन्होंने कहा कि यह सरकार की जिम्मेदारी है और उसी को इस पर फैसला लेना चाहिए। उन्होंने इस पर टिप्पणी करने से बचते हुए कहा कि सरकार जो भी निर्णय लेगी, वही लागू होगा और विपक्ष इस पर केवल प्रतिक्रिया दे सकता है।
पेट्रोल-डीजल मुद्दे पर केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया
पेट्रोल और डीजल की संभावित कमी को लेकर पूछे गए सवाल पर तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि यदि देश में ईंधन की कमी होती है तो उसका समाधान सरकार को ही करना होगा। उन्होंने सवाल उठाया कि यह जिम्मेदारी किसी विपक्षी दल की नहीं बल्कि सत्ता में बैठी सरकार की होती है। इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और अधिक गरमा गया है और सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।
