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पानीपत में मानसून से पहले बड़ा एक्शन, करोड़ों की सफाई योजना शुरू

हरियाणा के पानीपत में मानसून की दस्तक से पहले नगर निगम ने शहर को जलभराव से बचाने के लिए व्यापक सफाई अभियान शुरू कर दिया है। हर साल बारिश के दौरान सड़कों पर भरने वाले पानी और उससे होने वाली परेशानियों को देखते हुए इस बार प्रशासन पहले से ही पूरी तैयारी में जुट गया है। नगर निगम द्वारा ड्रेन नंबर-1, ड्रेन नंबर-2 और नोहरा ड्रेन की विशेष सफाई करवाई जा रही है ताकि बारिश का पानी बिना किसी रुकावट के निकासी मार्ग तक पहुंच सके। इसके साथ ही हाईवे पर निर्माणाधीन नालों के काम को भी तेजी से पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। नगर निगम कमिश्नर डॉ. पंकज यादव ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर सभी तैयारियों की समीक्षा की और स्पष्ट किया कि इस बार किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि मानसून शुरू होने से पहले सभी प्रमुख जल निकासी मार्ग पूरी तरह साफ और सुचारु स्थिति में हों।

सभी विभागों को साथ लेकर बनाई गई संयुक्त रणनीति

मानसून के दौरान जलभराव की समस्या केवल नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं होती बल्कि कई विभागों के समन्वय से इसका समाधान संभव होता है। इसी उद्देश्य से नगर निगम कमिश्नर ने एचएसआईआईडीसी, एचएसवीपी, सिंचाई विभाग और एनएचएआई सहित सभी संबंधित एजेंसियों की संयुक्त बैठक बुलाई। बैठक में शहर के संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान की गई और उन स्थानों पर विशेष निगरानी रखने का निर्णय लिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जहां भी नालों या ड्रेनों में रुकावट है उसे तत्काल दूर किया जाए। प्रशासन का मानना है कि समय रहते की गई तैयारी से बारिश के दौरान होने वाली समस्याओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है। शहर के नागरिकों को भी सहयोग करने की अपील की गई है ताकि कूड़ा-कचरा नालों में न फेंका जाए और सफाई व्यवस्था प्रभावित न हो।

पानीपत में मानसून से पहले बड़ा एक्शन, करोड़ों की सफाई योजना शुरू

नोहरा ड्रेन बना प्राथमिकता, 1.5 करोड़ रुपये का टेंडर जारी

नगर निगम के अनुसार लंबे समय से नोहरा ड्रेन की सफाई को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। स्थानीय पार्षदों और निवासियों ने कई बार इस मुद्दे को उठाया था। ड्रेन के आसपास बच्चों के खेलने और सुरक्षा संबंधी जोखिमों को देखते हुए प्रशासन ने इसे प्राथमिकता में रखा है। ड्रेन नंबर-1 और ड्रेन नंबर-2 की भी पूरी तरह सफाई करवाई जा रही है। इस पूरे अभियान के लिए करीब 1.5 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया है। खास बात यह है कि इस बार केवल सफाई ही नहीं बल्कि निकाले गए कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पिछली बार ड्रेनों से निकाला गया कचरा सड़कों पर जमा कर दिया गया था जिससे लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी थी। इस बार स्वच्छ भारत मिशन के दिशा-निर्देशों के अनुसार कचरे का उठान और निस्तारण किया जाएगा। सरकार द्वारा निर्धारित दरों के अनुसार कचरे को शहर से बाहर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जाएगा।

बारिश से पहले पूरा होगा काम, लगातार चल रही मशीनों की निगरानी

सफाई अभियान को समय पर पूरा करने के लिए जेसीबी मशीनें और कई ट्रैक्टर लगातार काम कर रहे हैं। सफाई कार्य में लगे ऑपरेटरों के अनुसार ड्रेनों से बड़ी मात्रा में कचरा और गाद निकाली जा रही है। निकाले गए कचरे को शहर से दूर निर्धारित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है ताकि लोगों को किसी तरह की असुविधा न हो। ट्रैक्टर चालकों का कहना है कि रोजाना कई चक्कर लगाकर कचरा हटाया जा रहा है और पूरे अभियान की नियमित निगरानी की जा रही है। वहीं एनएचएआई को भी मानसून से पहले अधूरे नालों का निर्माण पूरा करने और सभी कनेक्टिविटी पॉइंट जोड़ने के निर्देश दिए जाएंगे। प्रशासन को उम्मीद है कि इस बार की तैयारियों से बारिश के दौरान पानीपत में जलभराव की समस्या काफी हद तक नियंत्रित रहेगी और लोगों को राहत मिलेगी। नगर निगम का यह अभियान शहर को सुरक्षित और स्वच्छ बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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