ओवैसी का बड़ा बयान भारत तब तक विश्वगुरु नहीं बन सकता मुसलमानों को न्याय मिले

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने गुरुवार को गुजरात के भुज में आयोजित एक जनसभा के दौरान बड़ा राजनीतिक बयान दिया। उन्होंने कहा कि जब तक देश में मुसलमानों को न्याय और समान अधिकार नहीं मिलते, तब तक भारत विश्वगुरु बनने का दावा पूरा नहीं हो सकता। ओवैसी ने कहा कि अल्पसंख्यकों के साथ समानता और न्याय के बिना किसी भी वैश्विक नेतृत्व की कल्पना अधूरी है। उनके इस बयान ने एक बार फिर राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है।
भुज में स्थानीय चुनाव से पहले राजनीतिक अपील और नेतृत्व की बात
भुज कस्बे में लोगों को संबोधित करते हुए ओवैसी ने आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर भी अहम अपील की। उन्होंने मतदाताओं से AIMIM उम्मीदवारों का समर्थन करने का आग्रह किया और कहा कि समुदाय को अपने भीतर राजनीतिक नेतृत्व को मजबूत करना चाहिए। ओवैसी ने दावा किया कि मजबूत स्थानीय नेतृत्व ही लोकतंत्र को वास्तविक रूप से सशक्त बना सकता है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का उद्देश्य किसी समुदाय को अलग करना नहीं बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रतिनिधित्व को बढ़ाना है।

बीजेपी और कांग्रेस पर गंभीर आरोप, आरएसएस पर भी निशाना
अपने भाषण में ओवैसी ने भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि दोनों दल आरएसएस के साथ मिलकर AIMIM के खिलाफ गलत और भ्रामक प्रचार कर रहे हैं। ओवैसी ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी को लेकर जानबूझकर गलत धारणा बनाई जा रही है ताकि अल्पसंख्यक समुदाय का राजनीतिक प्रतिनिधित्व कमजोर हो। उन्होंने दावा किया कि AIMIM का उद्देश्य लोकतंत्र को मजबूत करना और संविधान पर जनता के विश्वास को बढ़ाना है।
यूसीसी और शरीयत पर विवादित बयान, राजनीतिक टकराव तेज
अहमदाबाद में यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी यूसीसी को लेकर भी ओवैसी ने भाजपा सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि यूसीसी लाकर सरकार मुसलमानों की व्यक्तिगत धार्मिक परंपराओं को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। ओवैसी ने इसे शरीयत और संवैधानिक अधिकारों के खिलाफ बताया और कहा कि उनकी पार्टी इस कानून को कानूनी रूप से चुनौती देगी। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि आगामी चुनावों में सोच समझकर वोट करें और भाजपा के खिलाफ मतदान करें। ओवैसी के इस बयान के बाद यूसीसी और अल्पसंख्यक अधिकारों को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।
