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संदीप पाठक को हाई कोर्ट से बड़ी राहत, FIR मामले पर सरकार को अल्टीमेटम

Sandeep Pathak को Punjab और Haryana हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने पंजाब सरकार को निर्देश दिया है कि सोमवार 11 मई तक उनके खिलाफ बिना कोर्ट की अनुमति कोई सख्त कार्रवाई न की जाए। यह आदेश उस समय आया है जब उनके खिलाफ दर्ज कथित FIR को लेकर कानूनी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। कोर्ट ने सरकार से यह भी कहा है कि वह स्पष्ट करे कि FIR दर्ज है या नहीं और यदि है तो उसकी पूरी डिटेल पेश करे। इस मामले ने राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तर पर हलचल बढ़ा दी है।

FIR की जानकारी मांगने पर सरकार से जवाब तलब

संदीप पाठक ने अदालत से यह भी मांग की है कि उनके खिलाफ दर्ज FIR की पूरी जानकारी दी जाए, जिसमें यह स्पष्ट हो कि मामला कहां और किन धाराओं में दर्ज किया गया है। सरकार की ओर से अदालत में कहा गया कि इस मामले पर विस्तृत जवाब देने के लिए सोमवार तक का समय चाहिए। अदालत ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए अंतरिम राहत प्रदान की और फिलहाल किसी भी कठोर कार्रवाई पर रोक लगा दी। इस फैसले के बाद संदीप पाठक को अस्थायी राहत मिल गई है, जबकि सरकार को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी।

संदीप पाठक को हाई कोर्ट से बड़ी राहत, FIR मामले पर सरकार को अल्टीमेटम

AAP छोड़कर बीजेपी में शामिल होने के बाद बढ़ा विवाद

Aam Aadmi Party छोड़कर Bharatiya Janata Party में शामिल होने के बाद से संदीप पाठक लगातार चर्चा में बने हुए हैं। वह 24 अप्रैल 2026 को बीजेपी में शामिल हुए थे, जब वे कुछ अन्य नेताओं के साथ पार्टी मुख्यालय पहुंचे थे। इस दौरान पार्टी नेतृत्व ने उनका स्वागत किया था। उनके साथ जुड़े इस राजनीतिक बदलाव को लेकर विपक्षी दलों में भी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली थी। माना जा रहा है कि पंजाब की राजनीति में यह एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम है, जिसका असर आने वाले चुनावों पर भी पड़ सकता है।

रणनीतिक नेता से लेकर राज्यसभा सांसद तक का सफर

संदीप पाठक को आम आदमी पार्टी के सबसे भरोसेमंद और रणनीतिक नेताओं में गिना जाता था। वे अप्रैल 2022 से राज्यसभा सांसद रहे हैं और पार्टी संगठन को मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका रही है। विशेष रूप से पंजाब विधानसभा चुनाव 2022 में उनकी रणनीति को पार्टी की बड़ी जीत का महत्वपूर्ण कारण माना जाता है। उन्होंने पार्टी के महासचिव के रूप में भी काम किया और संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने में योगदान दिया। अब उनके बीजेपी में शामिल होने के बाद राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं और इस मामले पर सभी की नजरें सोमवार के अदालत के अगले कदम पर टिकी हैं।

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