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रक्षा बंधन पर रौशन आनंद का बड़ा ऐलान, पैतृक संपत्ति का 50 फीसदी छात्राओं की शिक्षा के लिए देंगे

खान सर से जुड़े विवाद के बाद चर्चा में आए रौशन आनंद ने रक्षा बंधन के मौके पर ऐसा ऐलान किया, जिसने छात्रों और शिक्षा जगत का ध्यान खींचा। उन्होंने अपनी पैतृक संपत्ति का बड़ा हिस्सा छात्राओं की शिक्षा के लिए देने और लाइब्रेरी सुविधा मुफ्त करने की घोषणा की।

रक्षा बंधन पर छात्राओं से बंधवाई राखी

28 अगस्त 2026 को रक्षा बंधन के अवसर पर ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के निदेशक रौशन आनंद ने सैकड़ों छात्राओं से राखी बंधवाई। इस दौरान उन्होंने अपने छोटे भाई प्रिंस यादव को याद करते हुए शिक्षा और समाजसेवा से जुड़ा बड़ा फैसला सार्वजनिक किया।

रौशन आनंद ने कहा कि वह अपने भाई की स्मृति में ऐसा काम करना चाहते हैं, जिसका फायदा आने वाली पीढ़ियों को मिले।

पैतृक संपत्ति का 50 फीसदी हिस्सा दान करने का दावा

रौशन आनंद ने ऐलान किया कि उनकी पैतृक संपत्ति का 50 फीसदी हिस्सा छात्राओं की शिक्षा के लिए दान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि परिवार में दो भाई थे और उनके भाई की मृत्यु के बाद पैतृक संपत्ति में उनका भी 50 प्रतिशत हिस्सा था।

उनका कहना था कि अब उस हिस्से को अपने पास रखने के बजाय छात्राओं की शिक्षा पर खर्च किया जाएगा। हालांकि, उन्होंने अपनी कुल संपत्ति या दान की जाने वाली संपत्ति की अनुमानित कीमत के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।

रक्षा बंधन पर रौशन आनंद का बड़ा ऐलान, पैतृक संपत्ति का 50 फीसदी छात्राओं की शिक्षा के लिए देंगे

भाई की याद में शिक्षा व्यवस्था बदलने की बात

रौशन आनंद ने कहा कि उनके भाई प्रिंस यादव समाजसेवा से जुड़े कामों में सक्रिय थे। उनके निधन के बाद उनकी संपत्ति को केवल अपने लिए रखने का कोई औचित्य नहीं है।

उन्होंने कहा कि भाई की तरफ से बिहार की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया जा रहा है। उनका फोकस खास तौर पर छात्राओं की शिक्षा को बढ़ावा देने पर है।

छात्राओं को मिलेगी मुफ्त लाइब्रेरी सुविधा

रौशन आनंद ने इस मौके पर दूसरा बड़ा ऐलान भी किया। उन्होंने कहा कि अब छात्राओं को लाइब्रेरी की फीस नहीं देनी होगी। उन्हें लाइब्रेरी से मुफ्त में किताबें उपलब्ध कराई जाएंगी।

उन्होंने बताया कि उनके भाई प्रिंस यादव कोचिंग संस्थान में लाइब्रेरियन का काम देखते थे। ऐसे में लाइब्रेरी की सुविधा को मुफ्त करना उनके भाई की भूमिका और शिक्षा के प्रति उनकी सोच को आगे बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

नेपाल में हुई थी प्रिंस यादव की मौत

रौशन आनंद के छोटे भाई प्रिंस यादव की 14 जून 2026 को नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। इससे पहले खान ग्लोबल स्टडीज और ज्ञान बिंदु कोचिंग से जुड़े विवाद तथा फायरिंग के मामले में प्रिंस यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की बात सामने आई थी।

बताया गया था कि गिरफ्तारी के डर से वह नेपाल चले गए थे। बाद में जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद रौशन आनंद ने मामले में साजिश का आरोप भी लगाया था।

अब भाई की स्मृति को शिक्षा से जोड़ने की कोशिश

प्रिंस यादव की मौत के बाद परिवार से जुड़ा यह नया ऐलान शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि दान की जाने वाली संपत्ति का वास्तविक मूल्य और इसे किस तरह छात्राओं तक पहुंचाया जाएगा, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

रौशन आनंद का यह ऐलान सिर्फ संपत्ति दान करने का दावा नहीं, बल्कि एक निजी त्रासदी को शिक्षा के अवसर में बदलने की कोशिश के रूप में सामने आया है। अब नजर इस बात पर होगी कि यह घोषणा जमीन पर कितने बड़े बदलाव का रूप लेती है।

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