BRICS सम्मेलन के दौरान आतंकी साजिश का दावा, जम्मू-कश्मीर और पंजाब में घुसपैठ की आशंका पर बढ़ी चौकसी

नई दिल्ली में 12-13 सितंबर 2026 को हुए BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान जम्मू-कश्मीर और पंजाब में संभावित आतंकी हमले की साजिश रचे जाने का दावा सामने आया है। सुरक्षा सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क ने घुसपैठ की कोशिश की योजना बनाई थी, जिसके बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा और निगरानी बढ़ाई गई।
हालांकि, उपलब्ध सार्वजनिक आधिकारिक दस्तावेजों में इस विशेष साजिश, आत्मघाती दस्तों या बताए गए लॉन्चिंग पैड की पुष्टि नहीं मिली है। इसलिए इन दावों को सुरक्षा सूत्रों की जानकारी के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
BRICS सम्मेलन के दौरान क्या था सुरक्षा इनपुट?
भारत ने 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी की थी। सम्मेलन में 11 सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। आधिकारिक BRICS घोषणा में आतंकवाद के खिलाफ सहयोग, आतंकवादी संगठनों पर कार्रवाई और आतंकवाद के वित्तपोषण से निपटने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
सम्मेलन से पहले भी दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियों ने संभावित आतंकी गतिविधियों को लेकर अलर्ट जारी किए थे और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया था। मीडिया रिपोर्टों में संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने की जानकारी सामने आई थी।
हीरानगर और बमियाल सेक्टर का जिक्र
सुरक्षा सूत्रों के हवाले से किए जा रहे दावे के मुताबिक, संभावित घुसपैठ के लिए जम्मू-कश्मीर के हीरानगर सेक्टर और पंजाब के बमियाल क्षेत्र को चुने जाने की बात कही गई थी।
रिपोर्ट के अनुसार, इन इलाकों के जरिए घुसपैठ करने वाले आतंकियों का संभावित लक्ष्य जम्मू-कश्मीर और पंजाब के संवेदनशील इलाकों तक पहुंचना हो सकता था। सुरक्षा एजेंसियों ने कथित इनपुट मिलने के बाद अग्रिम क्षेत्रों में तलाशी और निगरानी बढ़ाई।

बमियाल-पठानकोट क्षेत्र क्यों संवेदनशील?
बमियाल क्षेत्र भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक स्थित है और जम्मू-कश्मीर के कठुआ क्षेत्र से भी जुड़ता है। अतीत में इस क्षेत्र से घुसपैठ और आतंकी गतिविधियों से जुड़े मामले सामने आते रहे हैं।
इसी वजह से सीमा सुरक्षा के लिहाज से यह इलाका संवेदनशील माना जाता है। हालांकि, मौजूदा मामले में किसी संभावित आतंकी दस्ते की मौजूदगी या घुसपैठ की पुष्टि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आधिकारिक स्रोतों से नहीं हुई है।
सीमा पर बढ़ाई गई निगरानी
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि खुफिया इनपुट मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने सीमावर्ती इलाकों में संयुक्त तलाशी अभियान चलाया। संवेदनशील रास्तों पर नाके लगाए गए और निगरानी के लिए ड्रोन समेत तकनीकी साधनों का इस्तेमाल किया गया।
खुफिया एजेंसियों ने आने वाले दिनों में भी घुसपैठ की किसी संभावित कोशिश को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। इसके आधार पर अग्रिम इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
BRICS घोषणा में आतंकवाद पर क्या कहा गया?
BRICS के नई दिल्ली घोषणा-पत्र में सदस्य देशों ने आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ कार्रवाई की प्रतिबद्धता दोहराई। दस्तावेज में आतंकवादी संगठनों के खिलाफ समन्वित कार्रवाई, आतंकवाद के वित्तपोषण से निपटने और आतंकवाद-रोधी सहयोग को मजबूत करने की बात कही गई है।
वहीं, सम्मेलन के दौरान जारी घोषणा में अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले की भी निंदा की गई। अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया के लिहाज से यह मुद्दा सम्मेलन के महत्वपूर्ण सुरक्षा विषयों में शामिल रहा।
