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पंजाब में कर्मचारियों का सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, मंत्री हरभजन ईटीओ की रिहायश घेरकर जताया रोष

पंजाब में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों का अपनी मांगों को लेकर संघर्ष लगातार तेज होता जा रहा है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में कर्मचारी और पेंशनर न्यू अमृतसर पहुंचे और कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ की रिहायश का घेराव किया।

प्रदर्शनकारी रिहायश के बाहर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को जल्द लागू करने की मांग की।

महंगाई भत्ता और पुरानी पेंशन प्रमुख मांग

कर्मचारी संगठन लंबे समय से महंगाई भत्ते (DA) से जुड़े मुद्दों के साथ पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग उठा रहे हैं। इसके अलावा कर्मचारी संगठनों की कई अन्य लंबित मांगें भी हैं।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार की ओर से अलग-अलग मौकों पर बातचीत और मांगों पर विचार करने का भरोसा दिया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।

आश्वासन के बाद टाला गया था घेराव

कर्मचारी संगठनों ने पहले 12 सितंबर को पंजाब के सभी कैबिनेट मंत्रियों की रिहायशों का घेराव करने का ऐलान किया था।

हालांकि, सरकार की ओर से मुख्यमंत्री के साथ बैठक करवाने का आश्वासन मिलने के बाद उस समय घेराव का कार्यक्रम आगे बढ़ा दिया गया था। कर्मचारियों का कहना है कि आश्वासन के बावजूद उनकी मांगों को लागू करने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया गया।

इसके बाद संगठनों ने दोबारा विरोध प्रदर्शन का रास्ता अपनाया।

पंजाब में कर्मचारियों का सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, मंत्री हरभजन ईटीओ की रिहायश घेरकर जताया रोष

पहले भी हो चुकी है कलम छोड़ हड़ताल

कर्मचारियों का आंदोलन नया नहीं है। पंजाब राज्य मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन की ओर से अगस्त में लिपिकीय कर्मचारियों की दूसरी बार कलम छोड़ हड़ताल की गई थी।

इससे पहले 5 और 6 अगस्त को कर्मचारियों ने दो दिन काम बंद रखा था। इसके बाद 7 अगस्त को चंडीगढ़ में भी प्रदर्शन किया गया था।

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि लगातार विरोध और हड़ताल के बावजूद सरकार उनकी मांगों को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रही है।

संघर्ष और तेज करने की चेतावनी

कर्मचारी संगठनों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों को जल्द लागू नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। संगठनों का कहना है कि कर्मचारियों और पेंशनरों को बार-बार आश्वासन देने के बजाय सरकार को अब फैसले लेने चाहिए।

दूसरी ओर, सरकार के प्रतिनिधियों की ओर से बातचीत और मांगों पर विचार करने का भरोसा दिया गया है।

अब सरकार के अगले कदम पर नजर

न्यू अमृतसर में मंत्री की रिहायश के बाहर हुआ प्रदर्शन पंजाब सरकार के सामने कर्मचारियों के बढ़ते असंतोष को दिखाता है। अब कर्मचारियों की नजर इस बात पर है कि सरकार बातचीत को किस स्तर तक आगे बढ़ाती है और लंबित मांगों पर क्या ठोस फैसला लिया जाता है।

अगर जल्द समाधान नहीं निकला, तो आने वाले दिनों में कर्मचारी संगठनों का आंदोलन और तेज होने की संभावना है।

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