केदारनाथ दर्शन व्यवस्था को लेकर अफवाहों पर उत्तराखंड सरकार का बड़ा कदम

उत्तराखंड के केदारनाथ धाम में दर्शन व्यवस्था को लेकर सोशल मीडिया पर फैले एक वीडियो के बाद बड़ा विवाद सामने आया है। वीडियो में कथित तौर पर यह दावा किया गया था कि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को दर्शन से वंचित किया जा रहा है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद प्रशासन ने इसे भ्रामक और गलत जानकारी फैलाने वाला बताया है। रुद्रप्रयाग जिले में नियमित निगरानी के दौरान इस वीडियो का पता चलते ही पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी और मामले को गंभीरता से लिया।
सोनप्रयाग थाने में एफआईआर दर्ज, जांच तेज
प्रशासन के अनुसार इस मामले में सोनप्रयाग थाने में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की भ्रामक सूचना फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच एजेंसियां अब वीडियो के स्रोत और इसके प्रसार के नेटवर्क की गहन जांच कर रही हैं। इसके अलावा चार से पांच अन्य संदिग्ध वीडियो भी सामने आए हैं, जिनकी भी विस्तार से जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनके पीछे क्या उद्देश्य था और क्या यह किसी संगठित प्रयास का हिस्सा है।

सरकार का दावा दर्शन व्यवस्था पूरी तरह सुचारू, अफवाहों पर सख्ती
उत्तराखंड सरकार ने स्पष्ट किया है कि केदारनाथ धाम और पूरी चारधाम यात्रा की व्यवस्था पूरी तरह सुचारू रूप से चल रही है। प्रशासन ने कहा है कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही है और दर्शन व्यवस्थित तरीके से कराए जा रहे हैं। सरकार ने यह भी चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे झूठे दावे, अफवाहें या प्रोपेगेंडा को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी नियमों का उल्लंघन करने की छूट नहीं दी जाएगी।
केदारनाथ में सख्त नियम लागू, ड्रोन और मोबाइल पर रोक
धाम की पवित्रता और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने पहले ही सख्त नियम लागू कर दिए थे। 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खुलने से पहले 21 अप्रैल को रुद्रप्रयाग प्रशासन ने निर्देश जारी करते हुए मंदिर परिसर में मोबाइल फोन, ड्रोन और वीडियोग्राफी पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया था। एसपी निहारिका तोमर ने कहा है कि मंदिर परिसर में मोबाइल और कैमरा उपयोग पूरी तरह वर्जित है और इसके लिए लॉकर्स और मोबाइल काउंटर की व्यवस्था की गई है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और धार्मिक स्थल की गरिमा बनाए रखें ताकि यात्रा शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके।
