
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। अलीगंज इलाके में स्थित एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। हादसे में अब तक 14 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन और राहत दल लगातार बचाव कार्य में जुटे हुए हैं।
दोपहर में लगी आग, मचा अफरा-तफरी का माहौल
जानकारी के अनुसार अलीगंज के उषा मेहता मार्ग स्थित एक तीन मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग में सोमवार दोपहर करीब 3 बजे आग लग गई। भवन में संचालित कोचिंग सेंटर में उस समय बड़ी संख्या में छात्र मौजूद थे।
आग तेजी से फैलने के कारण कई छात्र अंदर फंस गए। धुएं और आग की लपटों से बचने के लिए कुछ छात्रों ने ऊपरी मंजिलों से छलांग लगाने की कोशिश भी की, जिससे कई लोग घायल हो गए।
दमकल विभाग ने शुरू किया बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग की भयावहता को देखते हुए हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म सहित 14 फायर टेंडर तैनात किए गए।

फायर अधिकारियों के मुताबिक घना धुआं और अत्यधिक तापमान बचाव कार्य में बड़ी चुनौती बना हुआ है। टीमों ने इमारत के भीतर पहुंचने के लिए कई हिस्सों में रास्ता बनाने का प्रयास किया।
चश्मदीदों ने सुनाई खौफनाक कहानी
स्थानीय लोगों के अनुसार आग लगने के बाद इमारत से लगातार धुआं निकल रहा था। आसपास मौजूद लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर कई छात्रों को बाहर निकाला।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कुछ छात्र घबराहट में ऊपर से कूद गए, जबकि कई लोग मदद के लिए चीखते हुए दिखाई दिए। घटना के वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
प्रशासन और मेडिकल टीम हाई अलर्ट पर
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि इमारत के हर कमरे की तलाशी ली जा रही है और प्राथमिकता सभी छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालना है।
घटनास्थल पर एम्बुलेंस, मेडिकल टीम और डॉक्टरों को तैनात किया गया है ताकि घायलों को तुरंत उपचार मिल सके।
मुख्यमंत्री योगी ने रद्द किए कार्यक्रम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को तत्काल राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अपने सभी निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर दिए और लखनऊ के लिए रवाना हो गए।
मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने पुलिस महानिदेशक और वरिष्ठ अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है।
प्रधानमंत्री मोदी ने जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की गई है।
लखनऊ का यह अग्निकांड सुरक्षा व्यवस्थाओं और आपदा प्रबंधन को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े करता है। मासूम छात्रों की मौत ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं कि आखिर इतनी बड़ी त्रासदी कैसे हुई और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई की जाती है।
