दिल्ली और बुंदेलखंड को बड़ी सौगात, मोदी कैबिनेट ने दो अहम परियोजनाओं को दी मंजूरी

केंद्र सरकार ने दिल्ली और उत्तर प्रदेश के लिए दो बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि दिल्ली में करीब 6,970 करोड़ रुपये की लागत से 8 किलोमीटर लंबी 6-लेन द्वारका टनल का निर्माण किया जाएगा। यह परियोजना लंबे समय से लंबित मांग थी और इसके पूरा होने से राजधानी में यातायात व्यवस्था को बड़ी राहत मिलेगी। टनल का निर्माण इस तरह किया जाएगा कि दिल्ली रिज क्षेत्र को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे।
बुंदेलखंड को मिलेगा हाई-स्पीड हाईवे
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए कानपुर से कबराई तक 242 किलोमीटर लंबे एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे को भी मंजूरी दी है। यह मार्ग कानपुर, हमीरपुर, महोबा और आगे भोपाल तक बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। परियोजना का निर्माण बीओटी (Build-Operate-Transfer) टोल मॉडल पर होगा और इसमें ग्रीनफील्ड तथा ब्राउनफील्ड दोनों प्रकार के सेक्शन शामिल होंगे।

ढाई घंटे कम होगा सफर, डिफेंस कॉरिडोर को मिलेगा लाभ
सरकार के अनुसार हाईवे बनने के बाद कानपुर से कबराई तक का मौजूदा लगभग साढ़े तीन घंटे का सफर घटकर करीब डेढ़ घंटे रह जाएगा। इससे क्षेत्र में यातायात सुगम होगा, औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और बुंदेलखंड डिफेंस कॉरिडोर को भी मजबूती मिलेगी। कानपुर, घाटमपुर, हमीरपुर और कबराई जैसे क्षेत्रों में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
2047 के विजन को ध्यान में रखकर होगा निर्माण
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशानुसार सभी बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की योजना वर्ष 2047 के विजन को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है। इसी सोच के तहत हाईवे के स्ट्रक्चर भविष्य में छह लेन तक विस्तार योग्य होंगे। सरकार का लक्ष्य आधुनिक, टिकाऊ और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बुनियादी ढांचा तैयार करना है।
