
मध्यप्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। कई इलाकों में रातभर हुई बारिश से जनजीवन प्रभावित है, जबकि मौसम विभाग ने सोमवार को तेज से अति तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बढ़ गया है।
फिर सक्रिय हुआ बारिश का सिस्टम
मध्यप्रदेश में बारिश का दौर दोबारा तेज हो गया है। मौसम विभाग के मुताबिक राज्य के ऊपर सक्रिय मौसम प्रणाली और निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। IMD ने 10 अगस्त के लिए पश्चिमी मध्यप्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी दी है।
इन 11 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट
भोपाल, रायसेन, राजगढ़, शाजापुर, आगर मालवा, सीहोर, देवास, इंदौर, उज्जैन, मंदसौर और रतलाम में तेज से अति तेज बारिश की संभावना बताई गई है। कई जगहों पर गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है। मौसम की गंभीरता को देखते हुए लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
श्यामपुर में बारिश बनी आफत
सीहोर जिले के श्यामपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार बारिश से हालात मुश्किल हो गए हैं। कई जगहों पर जलभराव के कारण घरों और दुकानों में पानी घुसने की सूचना है। स्थानीय नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर बढ़ने से कुछ मार्गों पर आवाजाही प्रभावित हुई है। श्यामपुर, अहमदपुर, डोरा और चारनाल सहित कई इलाकों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

डिंडौरी में स्कूल बंद
लगातार बारिश और बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए डिंडौरी जिला प्रशासन ने 10 अगस्त को जिले के सभी स्कूलों में एक दिन का अवकाश घोषित किया है। आंगनवाड़ी केंद्रों में भी बच्चों के लिए अवकाश रहेगा। भारी बारिश के दौरान प्रशासन का यह कदम विद्यार्थियों को जोखिम वाले रास्तों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रखने के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
कई जिलों में येलो अलर्ट
तेज बारिश वाले जिलों के अलावा मौसम विभाग ने कई अन्य क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। इनमें शिवपुरी, निवाड़ी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, नीमच, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर, हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और सागर शामिल हैं। मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
बारिश में बरतें सावधानी
भारी बारिश के दौरान निचले इलाकों में पानी भरने, नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने और कमजोर मकानों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। बिजली चमकने के दौरान खुले स्थान पर खड़े होने से बचना चाहिए। जलभराव वाले रास्तों, पुलों और नदी-नालों को पार करने की कोशिश भी नहीं करनी चाहिए। वाहन चालकों को कम दृश्यता और फिसलन भरी सड़कों पर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
मध्यप्रदेश में बारिश फिलहाल राहत के साथ चुनौती भी लेकर आई है। खेतों के लिए पानी जरूरी है, लेकिन जब बारिश की रफ्तार अचानक बढ़ती है तो यही पानी सड़क, घर और यातायात के लिए परेशानी बन जाता है। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेना और प्रशासन की सलाह का पालन करना ही सबसे सुरक्षित रास्ता है।
