
हाथरस की चुनावी सभा में आकाश आनंद के ‘अंकल’ वाले तंज के बाद यूपी की सियासत में बयानबाजी तेज हो गई है। अखिलेश यादव ने व्यक्तिगत टिप्पणी पर उलझने से इनकार करते हुए शिक्षा, परीक्षा, छात्रों के मुद्दे और राम मंदिर पर सदन में बहस की मांग को ज्यादा अहम बताया।
आकाश आनंद के बयान पर अखिलेश की प्रतिक्रिया
बसपा के नेशनल कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद ने हाथरस की चुनावी सभा में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘अंकल’ कहा था।
अब इस बयान पर अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि इस बहस में उलझने के बजाय असली मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। अखिलेश ने साफ कहा कि मुद्दा ‘अंकल’ का नहीं है।
शिक्षा और परीक्षा को राम मंदिर से जोड़ा
अखिलेश यादव ने शिक्षा और परीक्षा के मुद्दे को राम मंदिर से जोड़ते हुए कहा कि दोनों विषयों पर सदन में चर्चा होनी चाहिए। उनके मुताबिक, ये मुद्दे पहले भी उठाए जा सकते थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि अगर सदन में चर्चा होती तो भगवान राम का नाम भी लिया जाता। अखिलेश ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता पक्ष के लोग सदन में राम का नाम नहीं लेना चाहते।

झारखंड छात्र आंदोलन पर भी बोले अखिलेश
झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर भी अखिलेश यादव ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि बातचीत ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है और सरकार को छात्रों के साथ लगातार संवाद करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार और मुख्यमंत्री भी छात्रों से बातचीत के लिए तैयार होने की बात कह चुके हैं। ऐसे में बातचीत के जरिए समाधान निकालना जरूरी है।
धर्मेंद्र यादव ने सरकार पर साधा निशाना
सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने भी केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष संसद में चंदा चोरी के आरोपों और छात्रों पर हुई कथित हिंसा पर चर्चा चाहता है।
उन्होंने कहा कि गृह मंत्री को छात्रों के मुद्दे पर जवाब देना चाहिए। इसके अलावा आरक्षण और शिक्षा व्यवस्था जैसे विषयों पर भी बहस की जरूरत है।
‘सरकार के पास जवाब नहीं’ का आरोप
धर्मेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि सरकार के पास विपक्ष के सवालों का जवाब नहीं है, इसलिए सदन की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ रही। उन्होंने कहा कि कई दिन चर्चा के बिना निकल चुके हैं।
उनका कहना था कि राम मंदिर से जुड़े मुद्दे पर भी संसद में चर्चा होनी चाहिए। सपा सांसद ने इसे विपक्ष की प्रमुख मांगों में शामिल बताया।
यूपी की सियासत में बयानबाजी तेज
आकाश आनंद की टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद अब शिक्षा, परीक्षा, छात्र आंदोलन और संसद में लंबित मुद्दों तक पहुंच गया है। अखिलेश यादव ने व्यक्तिगत टिप्पणी को महत्व न देकर राजनीतिक मुद्दों पर बहस का रास्ता चुना है।
सियासत में तंज और बयान सुर्खियां जरूर बनाते हैं, लेकिन जनता के लिए असली सवाल शिक्षा, रोजगार, परीक्षा और लोकतांत्रिक जवाबदेही के हैं। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर सदन और सड़क दोनों जगह राजनीतिक टकराव और तेज हो सकता है।
