
रात के सन्नाटे में बुजुर्ग दंपत्ति के घर घुसे हथियारबंद बदमाशों ने पहले उन्हें डराया, फिर बुरी तरह पीटा और हाथ-पैर बांधकर लाखों की नकदी व भारी मात्रा में जेवरात लेकर फरार हो गए। अब पुलिस को शक है कि वारदात में किसी करीबी का हाथ हो सकता है।
रात 2:30 बजे घर में घुसे बदमाश
घटना उत्तरी दिल्ली के रूप नगर इलाके की बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक, 6-7 तारीख की रात करीब 2:30 बजे 74 वर्षीय तारेश बैसीवाला बाथरूम जाने के लिए उठे। इसी दौरान उन्होंने घर के अंदर चार हथियारबंद बदमाशों को देखा।
बदमाशों के हाथ में पिस्टल, चाकू और रॉड थी। उन्होंने बुजुर्ग पर पिस्टल तानकर अलमारी और तिजोरी की चाबी मांगी।
विरोध किया तो दंपत्ति को पीटा
बताया जा रहा है कि चाबी देने से इनकार करने पर बदमाशों ने बुजुर्ग दंपत्ति के साथ मारपीट की। इसके बाद उनके हाथ-पैर बांध दिए गए। आरोपियों ने रॉड से अलमारी का ताला तोड़ा और उसमें रखे कीमती सामान को निकालना शुरू कर दिया।
बदमाश करीब 10 लाख रुपये नकद और बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण लेकर फरार हो गए। पुलिस के अनुसार, लूटे गए सामान की कुल कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।
वारदात के बाद पुलिस और फोरेंसिक टीम पहुंची
घटना की सूचना मिलने के बाद जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। जांच के लिए फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। पुलिस ने पीड़ित तारेश बैसीवाला के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है।

अब जांच टीम घर के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बदमाश किस रास्ते से घर तक पहुंचे और वारदात के बाद किस दिशा में फरार हुए।
करीबी पर क्यों है पुलिस को शक?
इस हाई-प्रोफाइल लूट ने पुलिस के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। बदमाशों को घर में रखी नकदी, जेवरात और अलमारी-तिजोरी की जानकारी कैसे मिली? इसी वजह से पुलिस किसी करीबी व्यक्ति की संभावित भूमिका को भी जांच के दायरे में रख रही है।
घर के नौकरों और आसपास रहने वाले लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। हालांकि, पुलिस ने अभी किसी व्यक्ति को इस मामले में आरोपी घोषित नहीं किया है।
सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल
रूप नगर जैसे पॉश इलाके में बुजुर्ग दंपत्ति के घर इस तरह हथियारबंद बदमाशों का पहुंचना सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है। खासकर रात के समय इलाके में संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी और CCTV नेटवर्क की भूमिका जांच में महत्वपूर्ण हो सकती है।
CCTV से खुलेगा डकैती का राज?
फिलहाल पुलिस कई एंगल से मामले की जांच कर रही है। बदमाशों की पहचान और उनके आने-जाने के रास्ते का पता लगाने में CCTV फुटेज अहम साबित हो सकती है। साथ ही पुलिस यह भी जांच रही है कि वारदात से पहले घर की रेकी की गई थी या आरोपियों को अंदर की जानकारी किसी परिचित से मिली थी।
बुजुर्ग दंपत्ति के साथ हुई इस वारदात ने राजधानी में वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। अब निगाह इस बात पर है कि पुलिस कब तक आरोपियों तक पहुंचती है और एक करोड़ रुपये से अधिक की इस कथित डकैती की पूरी साजिश से पर्दा उठता है।
