वाटिका ग्रुप के CMD अनिल भल्ला और प्रमोटर गौतम गिरफ्तार

Money Laundering Case : प्रवर्तन निदेशालय के गुरुग्राम जोनल कार्यालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रियल एस्टेट की दिग्गज कंपनी मैसर्स वाटिका लिमिटेड के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर अनिल भल्ला और प्रमोटर गौतम भल्ला को गिरफ्तार कर लिया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने यह गिरफ्तारी मनी लांड्रिंग के तहत की है।
दोनों आरोपियों को गुरुग्राम की विशेष कोर्ट के समक्ष पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उन्हें 3 अक्टूबर 2026 तक ईडी के रिमांड में भेज दिया है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धन शोधन अधिनियम के तहत वाटिका लिमिटेड और उसके प्रमोटर व निदेशकों से जुड़े सात ठिकानों पर पिछले माह छापे मारे थे। इस दौरान 33 करोड़ रुपये की संपत्ति को अस्थायी तौर पर जब्त किया था। इसमें तीन लग्जरी कार, जेवरात, बैंक खातों में जमा राशि, एफडी आदि शामिल हैं। अभी करीब 10 दिन पहले हरियाणा के पूर्व मंत्री गोपाल कांडा के कार्यालय फार्म हाउस और मकान पर भी ईडी ने जांच की थी।

ईडी ने वाटिका लिमिटेड के प्रमोटर और निदेशक अनिल भल्ला, गौतम भल्ला, गौरव भल्ला के अलावा अन्यों के खिलाफ धन शोधन अधिनियम के तहत जांच शुरू की थी। यह जांच दिल्ली आर्थिक अपराध शाखा की तरफ से दर्ज मुकदमे के आधार पर शुरू की गई। जांच में सामने आया है कि वाटिका इंडिया नेक्स्ट और वाटिका इंडिया नेक्स्ट-दो से जुड़े लेन-देन में एक जैसा स्वरूप है। लोगों से आवंटन और बिक्री से पहले ही रिहायशी प्लॉट की एवज में बड़ी रकम ली गई, लेकिन निर्धारित समयावधि बीतने के बावजूद उन्हें प्लॉट आवंटित नहीं किए। साल 2010 से लेकर साल 2012 के बीच में इस बिल्डर ने करीब 260 करोड़ रुपये प्लॉट खरीदारों से लिए, लेकिन 120 करोड़ रुपये कीमत की एवज में प्लॉट आवंटित किए। 14 साल बीतने के बावजूद प्लॉट मालिकों को प्लॉट नहीं मिला। जांच में जमीन के मालिक, कंपनियों और वाटिका समूह से जुड़े लोगों की भूमिका सामने आई है। इसी परियोजना में आरोपी लोगों ने प्रभावित कंपनी की मंजूरी लिए बिना चुपके से 14 प्लॉट तीसरे पक्ष को बेच डाले।
दस्तावेजों की बरामदगी
वाटिका लिमिटेड के ठिकानों पर मारे छापे में ईडी ने कई दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस बरामद की थी, जिसमें गड़बड़ी का खुलासा हुआ। इनमें वाटिका लिमिटेड के प्रमोटरों और डायरेक्टरों से जुड़े प्रॉपर्टी के दस्तावेज, ऑडिट किए गए फाइनेंशियल स्टेटमेंट, टैली डेटा, फंड के लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड और शिकायतकर्ताओं से मिले फंड की जानकारी शामिल है।
ईडी द्वारा की गई छापेमारी में मिले सबूतों को पूरी तरह से जांच करने के बाद देर रात ईडी ने वाटिका के अध्यक्ष और प्रमोटर को गिरफ्तार कर लिया।
