यात्रा के शुरुआती स्थल और रूट मैप को लेकर कांग्रेस में चर्चाओं का दौर तेज

Punjab Politics : पंजाब में विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच तालमेल की चर्चाओं और संभावनाओं के बीच राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के दौरे की तैयारियां शुरू हो गई हैं। कांग्रेस के प्रभारी बनाए गए सचिन पायलट खुद यात्रा के शुरुआती स्थल और रूट मैप को लेकर चर्चा कर रहे हैं। कुछ नेता इसकी शुरुआत श्री आनंदपुर साहिब से करने का सुझाव दे रहे हैं, वहीं अमृतसर से यात्रा शुरू करने की भी रूपरेखा पर विचार हो रहा है।
राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रस्तावित बस यात्रा को लेकर कांग्रेस पार्टी में विचार-विमर्श और बैठकों का दौर जारी है। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से समय लिया गया है और जल्द ही उनके पंजाब दौरे व बस यात्रा का कार्यक्रम तय किया जाएगा। बताया गया है कि हाल ही में नई दिल्ली में हुई कांग्रेस कार्य समिति की बैठक और अन्य उच्चस्तरीय बैठकों में पंजाब के राजनीतिक हालात तथा सांगठनिक एकजुटता पर चर्चा की गई है।
माना जा रहा है कि कांग्रेस ने सितंबर 2026 में भूपेश बघेल की जगह सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस का नया प्रभारी महासचिव नियुक्त किया है, जिसका राज्य की राजनीति और संगठन पर गहरा असर पड़ा है।

पायलट के कार्यभार संभालने से पंजाब कांग्रेस को एक नई शुरुआत (क्लीन स्लेट) मिली है। उन्होंने दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर राज्य में एकजुटता का दावा किया है। पंजाब कांग्रेस चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा, प्रताप सिंह बाजवा और अमरिंदर सिंह राजा वडिंग जैसे गुटों में बंटी है। एक ‘ट्रबलशूटर’ के रूप में पायलट के सामने इन सभी खेमों को एकजुट करने की बड़ी चुनौती थी और इसमें काफी हद तक सचिन पायलट को सफलता भी मिली है। सचिन पायलट ने साफ कर दिया है कि कांग्रेस किसी को भी मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में प्रस्तुत नहीं करेगी।
राजनीतिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो पंजाब तीन जोन में बंटा हुआ है। मालवा, माझा और दोआबा तीनों ही क्षेत्र में कांग्रेस के बड़े नेता हैं। सचिन पायलट ने निर्धारित किया है कि तीनों क्षेत्रों में जहां से ज्यादा सीटें पार्टी को मिलेगी, वहां से मुख्यमंत्री बनाया जाएगा।
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पायलट ने सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार और केंद्र सरकार पर कानून-व्यवस्था, नशाखोरी तथा अन्य मुद्दों को लेकर हमला तेज कर दिया है। पायलट ने यह भी घोषणा की है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जल्द ही पंजाब का दौरा कर चुनाव प्रचार अभियान को गति देंगे।
यह नियुक्ति कांग्रेस के लिए 2027 के चुनावों में पार्टी को मजबूत करने और अंदरूनी कलह को पाटने का एक बड़ा राजनीतिक दांव मानी जा रही है।
