
पटना में चल रहे चर्चित खान सर और रौशन आनंद विवाद के बीच बिहार सरकार के मंत्री Ashok Choudhary की प्रतिक्रिया सामने आई है। रौशन आनंद ने अपने भाई प्रिंस यादव की मौत के मामले में खान सर पर साजिश रचने का आरोप लगाया है और शिकायत दर्ज कराने के लिए कदमकुआं थाने पहुंचे थे। हालांकि, उनकी ओर से दावा किया गया कि पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अशोक चौधरी ने कहा कि यदि किसी कारणवश एफआईआर दर्ज नहीं हो रही है तो संबंधित व्यक्ति अदालत का दरवाजा खटखटा सकता है।
कोर्ट से मिल सकता है न्याय
अशोक चौधरी ने कहा कि भारतीय न्याय व्यवस्था में ऐसे मामलों के लिए कानूनी रास्ते मौजूद हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि शिकायतकर्ता को लगता है कि उसकी बात नहीं सुनी जा रही है, तो वह अदालत में याचिका दायर कर सकता है। मंत्री ने कहा कि अदालत आवश्यक होने पर पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दे सकती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा रखना चाहिए और कानून के अनुसार आगे बढ़ना चाहिए।

जातीय विवाद पर भी दी प्रतिक्रिया
मामले से जुड़े जातीय विवाद के सवाल पर मंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े लोगों का मुख्य कार्य छात्रों को बेहतर भविष्य देना होना चाहिए। अशोक चौधरी ने कहा कि शिक्षकों का ध्यान बच्चों को डॉक्टर, इंजीनियर और सफल नागरिक बनाने पर होना चाहिए, न कि समाज में जातीय तनाव पैदा करने वाले मुद्दों पर। उन्होंने जातिवाद को समाज के लिए नुकसानदायक बताते हुए इससे दूर रहने की सलाह दी।
कोचिंग संस्थानों को लेकर भी रखी राय
बातचीत के दौरान मंत्री ने बिहार में कोचिंग संस्थानों की व्यवस्था पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि सरकार ने छात्रों के हित में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। उनका कहना था कि कॉलेज और स्कूल के समय में कोचिंग संचालन पर नियंत्रण का निर्णय छात्रों की पढ़ाई को बेहतर बनाने के उद्देश्य से लिया गया है। वहीं, प्रिंस यादव की मौत और रौशन आनंद के आरोपों को लेकर फिलहाल जांच एजेंसियों की ओर से कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। मामले की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
