हाजीपुर में गंडक का कहर, 20 फीट रिंग बांध टूटने का दावा; 500 घरों में पानी घुसने की आशंका

बिहार के हाजीपुर में गंडक नदी का बढ़ता जलस्तर अब ग्रामीण इलाकों के लिए बड़ी चिंता बन गया है। अखिलाबाद इलाके में नदी के दबाव के चलते करीब 20 फीट रिंग बांध टूटने की बात सामने आई है। तेज धार के साथ पानी आबादी की ओर बढ़ने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
गंडक के दबाव में टूटा रिंग बांध?
हाजीपुर के अखिलाबाद इलाके से सामने आई जानकारी के मुताबिक गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर और दबाव के बीच रिंग बांध का करीब 20 फीट हिस्सा टूट गया है।
बांध टूटते ही पानी तेज रफ्तार से गांव की तरफ बहने लगा। अचानक बढ़ी पानी की धार ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोग रात के अंधेरे में भी बांध के टूटे हिस्से के आसपास पहुंचकर स्थिति का जायजा लेते दिखाई दिए।
400 से 500 घरों में पानी घुसने की बात
स्थानीय लोगों का दावा है कि बांध टूटने के बाद पानी तेजी से आबादी वाले इलाकों में फैल रहा है। करीब 400 से 500 घरों में पानी घुसने की बात कही जा रही है।
कई घरों और आसपास के क्षेत्रों के जलमग्न होने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों को अपने परिवार और जरूरी सामान की सुरक्षा की चिंता सता रही है।

हालांकि, कितने घर वास्तव में प्रभावित हुए हैं और कितने क्षेत्र में पानी फैला है, इसकी आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
तेज धार से बढ़ रहा पानी, गांव में दहशत
ग्रामीणों के मुताबिक रिंग बांध के आसपास कई किलोमीटर के क्षेत्र में घनी आबादी और मकान हैं। बांध टूटने के बाद पानी की तेज धार इन आबादी वाले हिस्सों की ओर बढ़ रही है।
लोगों का कहना है कि अगर पानी का बहाव इसी तरह जारी रहा तो आने वाले घंटों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। ग्रामीण अपने स्तर पर हालात पर नजर बनाए हुए हैं और प्रशासन से तत्काल मदद की मांग कर रहे हैं।
हाई अलर्ट के बीच प्रशासन का इंतजार
स्थानीय लोगों के मुताबिक इलाके में पहले से हाई अलर्ट जारी किया गया था। इसके बावजूद बांध टूटने के बाद देर रात तक प्रशासनिक टीम के मौके पर पहुंचने और स्थिति का जायजा लेने की जानकारी सामने नहीं आई थी।
ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रभावित इलाके में तत्काल राहत और बचाव दल भेजा जाए। साथ ही पानी के बहाव को रोकने और बांध की मरम्मत के लिए जरूरी संसाधन मौके पर उपलब्ध कराए जाएं।
राहत-बचाव पर टिकी नजर
बांध टूटने की खबर के बाद स्थानीय स्तर पर लोगों के बीच बेचैनी बढ़ गई है। सबसे बड़ी चिंता आबादी वाले इलाके में पानी के तेजी से पहुंचने को लेकर है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से नुकसान की वास्तविक स्थिति और बांध टूटने की विस्तृत जानकारी की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। अगर पानी का बहाव नहीं थमा तो कई घरों और ग्रामीण इलाकों के प्रभावित होने का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में अब ग्रामीणों की नजर राहत-बचाव टीम और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई पर टिकी है।
