
पश्चिम बंगाल में एक बार फिर चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। दक्षिण 24 परगना जिले के दो विधानसभा क्षेत्रों में 15 बूथों पर कथित अनियमितताओं की शिकायतों के बाद चुनाव आयोग ने पुनर्मतदान का आदेश जारी किया है। आयोग के अनुसार, मगराहाट पश्चिम के 11 मतदान केंद्रों और डायमंड हार्बर के 4 बूथों पर 2 मई को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक दोबारा मतदान कराया जाएगा। यह फैसला चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
बीजेपी ने लगाए गंभीर आरोप, टीएमसी पर निशाना
पुनर्मतदान के फैसले के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने आरोप लगाया कि मतदान के दौरान ईवीएम पर कमल के बटन को टेप से ढकने जैसी घटनाएं सामने आईं। उन्होंने कहा कि यह गंभीर अनियमितता है और कई शिकायतें सामने आने के बावजूद तत्काल कार्रवाई नहीं हुई। बीजेपी का दावा है कि राज्य में चुनावी माहौल को प्रभावित करने की कोशिश की गई है, जबकि टीएमसी पर पहले से ही दबाव बनाने के आरोप लगते रहे हैं।

चुनाव आयोग ने रिपोर्ट के आधार पर लिया निर्णय
चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुनर्मतदान का निर्णय जिला निर्वाचन अधिकारियों और पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है। फाल्टा विधानसभा क्षेत्र के कुछ बूथों पर भी अनियमितताओं की जांच चल रही है और उस पर अंतिम निर्णय रिपोर्ट आने के बाद लिया जाएगा। आयोग ने स्पष्ट किया कि जहां भी मतदान प्रक्रिया में गंभीर खामियां पाई गईं, वहां दोबारा मतदान कराना जरूरी है ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर जनता का भरोसा बना रहे।
सुरक्षा व्यवस्था के बीच होगा पुनर्मतदान
पुनर्मतदान के दौरान केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ कड़ी निगरानी रखी जाएगी। चुनाव आयोग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मतदान प्रक्रिया पूरी तरह शांतिपूर्ण और निष्पक्ष हो। इससे पहले 29 अप्रैल को इन क्षेत्रों में दूसरे चरण का मतदान हुआ था, जिसमें कई तरह की शिकायतें दर्ज की गई थीं। अब सभी की नजर 2 मई के पुनर्मतदान पर है, जो राजनीतिक रूप से भी काफी अहम माना जा रहा है।