व्हिप का उल्लंघन करने और कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी करने पर कांग्रेस विधायक दल ने जारी किया नोटिस

Jarnail Singh Faces Disqualification Threat : हरियाणा कांग्रेस के सस्पेंडड विधायक जरनैल सिंह कांग्रेस के व्हिप का उल्लंघन करके फंस गए हैं। अब उन पर योग्यता की तलवार लटक रही है। कांग्रेस विधायक दल के मुख्य सचेतक भारत भूषण बतरा ने रतिया विधायक जरनैल सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
विधायक जरनैल सिंह को इस नोटिस का 17 प्रमुख बिंदुओं पर लिखित और साक्ष्यों सहित उत्तर देने के लिए 30 दिनों की समय-सीमा दी गई है। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक उत्तर प्राप्त नहीं होता है, तो सक्षम प्राधिकारी के समक्ष संविधान की 10वीं अनुसूची के अंतर्गत उनकी अयोग्यता की याचिका दायर कर दी जाएगी।
जरनैल सिंह को राज्यसभा चुनाव 2026 के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित किया जा चुका है। इसके बाद से जरनैल सिंह खुलकर भाजपा के समर्थन में काम कर रहे हैं।
कांग्रेस विधायक दल के मुख्य सचेतक भारत भूषण बत्तरा ने रतिया विधानसभा क्षेत्र से विधायक जरनैल सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत उनकी विधानसभा सदस्यता रद् करने की कार्यवाही क्यों न शुरू की जाए।

नोटिस में उल्लेख किया गया है कि मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक दल द्वारा लाए गए काम रोको प्रस्ताव के समर्थन के लिए तीन-पंक्ति का व्हिप जारी किया गया था।आरोप है कि विधायक जरनैल सिंह ने सचेतक इन्दुराज नरवाल द्वारा दिए जा रहे नोटिस की प्राप्ति स्वीकार करने से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया। इसके अलावा, जब सदन में काम रोको प्रस्ताव पर समर्थन की बात आई, तो वे पार्टी निर्देश के अनुसार खड़े नहीं हुए।
इसके साथ ही, उपलब्ध फोटो और वीडियो साक्ष्यों के आधार पर यह गंभीर आरोप लगाया गया है कि विधायक ने सदन के अंदर पोस्टर/प्लैकार्ड प्रदर्शित किए और सत्ता पक्ष की ओर जाकर हरियाणा सरकार के मंत्रियों, कृष्ण बेदी और गौरव गौतम तथा अन्य सत्ताधारी विधायकों के साथ मिलकर अपनी ही पार्टी और विपक्ष के खिलाफ नारेबाजी में भाग लिया।
कांग्रेस विधायक दल द्वारा रतिया से विधायक जरनैल सिंह के विरुद्ध अपनाए गए कड़े रुख के बाद अब प्रदेश की राजनीति पर नजर रखने वालों की नजर विधायक के जवाब पर टिक गई है। माना यह भी जाता है कि विधायक इस मामले में शायद कोई जवाब नहीं देंगे और उसके बाद कांग्रेस हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष के सामने विधायक को अयोग्य घोषित करने के लिए याचिका दायर करेगी।
