
राम मंदिर निर्माण और प्राण-प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में बढ़ती श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही के बीच सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी है। योगी सरकार ने मिल्कीपुर की 26 हेक्टेयर बंजर भूमि गृह मंत्रालय को निशुल्क देने को मंजूरी दी है, जहां NSG का क्षेत्रीय केंद्र स्थापित किया जाएगा।
कैबिनेट बैठक में लिया गया बड़ा फैसला
अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने अहम फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मिल्कीपुर तहसील की 26 हेक्टेयर यानी करीब 65 एकड़ बंजर भूमि गृह मंत्रालय को निशुल्क हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
इस जमीन पर राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड यानी NSG का क्षेत्रीय केंद्र स्थापित किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य किसी संभावित आतंकी या अन्य गंभीर सुरक्षा चुनौती की स्थिति में तत्काल और प्रभावी प्रतिक्रिया की क्षमता बढ़ाना है।
राम मंदिर के बाद बढ़ी सुरक्षा की जरूरत
वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना के मुताबिक राम मंदिर निर्माण और प्राण-प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में काफी विस्तार हुआ है। यहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु, पर्यटक और विशिष्ट अतिथि पहुंच रहे हैं।
ऐसे में अयोध्या को सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र मानते हुए NSG की स्थायी क्षेत्रीय मौजूदगी की जरूरत महसूस की गई है। क्षेत्रीय केंद्र बनने से आपात परिस्थितियों में केंद्रीय सुरक्षा बल की प्रतिक्रिया क्षमता बेहतर हो सकती है।

26 हेक्टेयर जमीन की कीमत 16.90 करोड़
कैबिनेट ने ग्राम पूरे लालखां में स्थित 26 हेक्टेयर बंजर भूमि को गृह मंत्रालय को निशुल्क देने की औपचारिक मंजूरी दी है। इस भूमि का बाजार मूल्य करीब 16.90 करोड़ रुपये बताया गया है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि हस्तांतरित भूमि का इस्तेमाल केवल NSG क्षेत्रीय हब की स्थापना के लिए किया जाएगा। इसका किसी दूसरे उद्देश्य के लिए उपयोग नहीं किया जा सकेगा।
तीन साल में इस्तेमाल नहीं हुई तो वापस होगी जमीन
भूमि हस्तांतरण के साथ उपयोग की शर्त भी तय की गई है। अगर अगले तीन वर्षों के भीतर जमीन का इस्तेमाल प्रस्तावित उद्देश्य के लिए नहीं किया गया या भविष्य में इसकी जरूरत समाप्त हो गई, तो भूमि स्वतः उत्तर प्रदेश के राजस्व विभाग के अधीन वापस आ जाएगी।
सरकार ने अयोध्या की विशेष सुरक्षा संवेदनशीलता और राष्ट्रीय सुरक्षा के महत्व को देखते हुए भूमि आवंटन के निर्धारित नियमों में विशेष छूट भी दी है।
सिर्फ राम मंदिर नहीं, पूरे क्षेत्र को मिलेगा सुरक्षा कवच
अयोध्या में NSG क्षेत्रीय केंद्र की स्थापना का असर केवल राम मंदिर परिसर की सुरक्षा तक सीमित नहीं रहने की उम्मीद है। इससे अयोध्या और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों तथा महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था को भी अतिरिक्त मजबूती मिल सकती है।
क्षेत्रीय केंद्र होने से किसी गंभीर सुरक्षा चुनौती की स्थिति में प्रतिक्रिया के लिए समय कम हो सकता है और केंद्रीय विशेषज्ञ बल की उपलब्धता बढ़ सकती है।
अयोध्या की बदलती भूमिका के बीच बड़ा कदम
अयोध्या अब धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ बड़े राष्ट्रीय आयोजनों और महत्वपूर्ण अतिथियों की आवाजाही का भी प्रमुख केंद्र बन चुका है। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को लगातार अपग्रेड करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
NSG क्षेत्रीय केंद्र के लिए जमीन आवंटित करने का फैसला इसी व्यापक सुरक्षा तैयारी का हिस्सा है। अब आगे केंद्र और राज्य सरकार की एजेंसियों के बीच समन्वय के जरिए प्रस्तावित केंद्र की स्थापना की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
