
अपने जन्मदिन को यादगार और आध्यात्मिक बनाने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने धर्मनगरी काशी का रुख किया। उन्होंने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर और काशी के कोतवाल श्री काल भैरव मंदिर में पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने केवल अपने लिए नहीं, बल्कि देश और सभी नागरिकों के सुख, समृद्धि तथा उत्तम स्वास्थ्य की कामना भी की।
काशी विश्वनाथ और काल भैरव के दरबार में टेका माथा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सबसे पहले बाबा श्री काशी विश्वनाथ के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने श्री काल भैरव मंदिर पहुंचकर आशीर्वाद लिया। धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजा संपन्न करने के बाद उन्होंने देश के उज्ज्वल भविष्य और समाज की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
‘काशी के कण-कण में शिव का वास है’
पूजा के बाद मुख्यमंत्री ने काशी की आध्यात्मिक महिमा का उल्लेख करते हुए कहा कि काशी केवल एक शहर नहीं, बल्कि भारत की सनातन चेतना का शाश्वत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यहां के हर कण में भगवान शिव का वास है, हर श्वास में भक्ति का भाव है और हर कदम पर अध्यात्म का अनुभव होता है। उनके अनुसार बाबा विश्वनाथ और काल भैरव की कृपा सदियों से इस पवित्र नगरी और उसके श्रद्धालुओं की रक्षा करती रही है।

देशवासियों के लिए मांगा सुख, स्वास्थ्य और समृद्धि का आशीर्वाद
मुख्यमंत्री ने अपने जन्मदिन के अवसर पर देश के प्रत्येक नागरिक के लिए सुख, सौभाग्य, उत्तम स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की। उन्होंने प्रार्थना की कि भारत निरंतर विकास, वैभव और नई उपलब्धियों की ओर अग्रसर रहे तथा सभी नागरिकों का जीवन खुशहाल बने।
आस्था और सेवा का दिया संदेश
मुख्यमंत्री के इस धार्मिक दौरे को आस्था और जनसेवा के संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है। सार्वजनिक जीवन में रहते हुए उन्होंने आध्यात्मिक मूल्यों, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रहित को सर्वोच्च बताते हुए देश की प्रगति और जनकल्याण की कामना की।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का जन्मदिन पर काशी विश्वनाथ और काल भैरव मंदिर में दर्शन करना केवल व्यक्तिगत आस्था का विषय नहीं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं और आध्यात्मिक विरासत के प्रति सम्मान का भी प्रतीक माना जा रहा है। उनकी यह यात्रा श्रद्धा, सकारात्मक सोच और राष्ट्रहित के संदेश के साथ चर्चा का विषय बनी हुई है।
