
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य में सिंचाई व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए बड़ा ऐलान किया है। मोगा जिले में आयोजित ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस वर्ष के अंत तक पूरे पंजाब में 7,000 किलोमीटर लंबी नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी, ताकि राज्य के हर खेत तक नहर का पानी पहुंचाया जा सके। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले चार वर्षों में 14,000 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन और जलमार्ग तैयार किए जा चुके हैं, जिनके जरिए लगभग 80 प्रतिशत खेतों तक 21,000 क्यूसेक नहर का पानी पहुंच रहा है। साथ ही सरकार नहरों और नदियों के किनारे वाटर रीचार्ज पॉइंट भी विकसित कर रही है, जिससे कई क्षेत्रों में भूजल स्तर दो से चार मीटर तक बेहतर हुआ है।
विपक्ष पर साधा निशाना, किसानों के हित में काम करने का दावा
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि 2022 विधानसभा चुनाव में हार के बाद सभी विपक्षी दल उनकी सरकार के खिलाफ एकजुट हो गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के समय नहर का पानी केवल प्रभावशाली लोगों तक सीमित रहता था, जबकि वर्तमान सरकार छोटे और बड़े सभी किसानों तक समान रूप से पानी पहुंचाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछली सरकारों के शासनकाल में भ्रष्टाचार, माफिया गतिविधियों और नशे के कारोबार को बढ़ावा मिला, जबकि उनकी सरकार पारदर्शिता और जनकल्याण की नीति पर काम कर रही है।

सरकार की उपलब्धियां गिनाईं, महिलाओं और युवाओं के लिए नई घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्य के 90 प्रतिशत से अधिक परिवारों को मुफ्त बिजली का लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि बिना किसी सिफारिश या रिश्वत के 68,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित करने के लिए 3,100 खेल स्टेडियम बनाए गए हैं। ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा मिल रही है और अब तक 650 करोड़ रुपये से अधिक का मुफ्त इलाज कराया जा चुका है। उन्होंने 1 जुलाई से शुरू होने वाली ‘मावां धीयां सत्कार योजना’ की भी घोषणा की, जिसके तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये तथा अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये सीधे बैंक खाते में दिए जाएंगे।
शिक्षा और गांवों के विकास पर भी सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि स्मार्ट क्लासरूम, शिक्षकों के प्रशिक्षण और शिक्षा सुधारों के कारण पंजाब ने प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली जैसे राज्यों को पीछे छोड़ते हुए देश में पहला स्थान हासिल किया है। उन्होंने ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान का भी उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मोगा जिले के भल्लूर गांव के विकास के लिए 51 लाख रुपये के विशेष अनुदान की भी घोषणा की।
