काजी कैंप पर मिसाइल गिराने वाले बयान से घिरे BJP विधायक रामेश्वर शर्मा, कांग्रेस ने FIR की मांग की

भोपाल में बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा के एक वायरल वीडियो ने राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। मंच से ‘काजी कैंप’ पर मिसाइल गिराने की बात कहे जाने के बाद कांग्रेस ने इसे आपत्तिजनक बताया, जबकि विधायक ने बाद में स्पष्ट किया कि उनका इशारा इस्लामाबाद की ओर था।
वायरल वीडियो से शुरू हुआ विवाद
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में हुजूर विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। वीडियो में वह मंच से बड़ी संख्या में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए मिसाइल और ‘काजी कैंप’ का जिक्र करते दिखाई दे रहे हैं।
उनकी टिप्पणी सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस शुरू हो गई। इसकी वजह यह है कि भोपाल में भी काजी कैंप नाम का मुस्लिम बहुल इलाका मौजूद है।
भाषण में क्या कहा गया?
वायरल वीडियो में रामेश्वर शर्मा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र करते हुए मिसाइल बनाने की बात करते नजर आते हैं। इसके बाद वह करोंद चौराहे से मिसाइल चलाकर काजी कैंप में गिराने की बात कहते हैं।
वीडियो में मौजूद समर्थकों की ओर से तालियां और शोर सुनाई देता है। इसी हिस्से को लेकर सोशल मीडिया पर विधायक की टिप्पणी पर सवाल उठने लगे।

विधायक ने बाद में दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद रामेश्वर शर्मा ने अपने बयान का संदर्भ स्पष्ट करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि उनका इशारा भोपाल के काजी कैंप की तरफ नहीं था, बल्कि इस्लामाबाद में मौजूद काजी कैंप की बात की जा रही थी।
हालांकि, कांग्रेस का कहना है कि सार्वजनिक मंच पर इस्तेमाल किए गए शब्दों का असर और संदर्भ गंभीर है। पार्टी ने इस मामले को लेकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
कांग्रेस ने FIR की मांग की
बीजेपी विधायक के बयान पर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बरोलिया ने इसे लेकर FIR दर्ज करने की मांग की और भोपाल पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई।
कांग्रेस का आरोप है कि इस तरह के बयान सामाजिक माहौल को प्रभावित कर सकते हैं। पार्टी ने पुलिस से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
जीतू पटवारी ने भागवत का बयान याद दिलाया
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी विधायक के बयान पर निशाना साधा। उन्होंने RSS प्रमुख मोहन भागवत के उस कथन का हवाला दिया, जिसमें मुसलमानों को भारत में रहने से रोकने की सोच को हिंदू विचारधारा के विपरीत बताया गया था।
पटवारी ने सवाल उठाया कि ऐसी विचारधारा की बात करने वाले संगठन से जुड़े राजनीतिक नेता भड़काऊ माने जाने वाले बयान क्यों दे रहे हैं।
बयान से बड़ा हुआ राजनीतिक तापमान
रामेश्वर शर्मा की सफाई के बावजूद विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। एक ओर कांग्रेस इसे लेकर कानूनी कार्रवाई चाहती है, तो दूसरी ओर विधायक अपने बयान का संदर्भ स्पष्ट कर चुके हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर राजनीतिक भाषणों में शब्दों के चयन और उनके सामाजिक असर पर बहस छेड़ दी है। अब पुलिस शिकायत पर क्या कार्रवाई होती है, यह इस विवाद का अगला महत्वपूर्ण पड़ाव होगा।
