
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी पर हुए कथित हमले के बाद बिहार की राजनीति में माहौल पूरी तरह गरमा गया है। हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) के संरक्षक और उनके बेटे तथा बिहार सरकार में मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने इस घटना को बेहद गंभीर बताते हुए इसे केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं बल्कि पूरे दलित और वंचित समाज के स्वाभिमान पर चोट करार दिया है। इस बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है और सत्ता व विपक्ष आमने सामने आ गए हैं।
RJD पर संरक्षण देने का गंभीर आरोप
डॉ. संतोष सुमन ने राष्ट्रीय जनता दल पर सीधा निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राज्य में “गुंडागर्दी को संरक्षण” दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे तत्वों को यह भ्रम नहीं होना चाहिए कि वे कानून से ऊपर हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा का हर कार्यकर्ता जवाब देना जानता है और जरूरत पड़ने पर पार्टी चुप नहीं बैठेगी। उनके इस बयान को राजनीतिक रूप से बेहद आक्रामक माना जा रहा है।

सड़क से सदन तक आंदोलन की चेतावनी
अपने सोशल मीडिया पोस्ट में मंत्री संतोष सुमन ने स्पष्ट कहा कि यदि नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हमले की घटनाएं नहीं रुकीं तो उनकी पार्टी बड़ा जनआंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल राजनीतिक नहीं होगा बल्कि जनता के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए होगा। उन्होंने यह भी कहा कि HAM संघर्ष की राजनीति करती है और अन्याय के खिलाफ हमेशा लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाती रहेगी।
निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग
संतोष सुमन ने मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग करते हुए बिहार सरकार से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अपील की है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम जरूरी हैं। वहीं, इस पूरे विवाद के बाद बिहार का सियासी माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया है और इसे दलित नेतृत्व पर हमले के तौर पर भी देखा जा रहा है, जिससे राजनीतिक टकराव और बढ़ने की संभावना है।
