
मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला एक बार फिर सुर्खियों में है। हाईकोर्ट के हालिया आदेश के बाद पूरे क्षेत्र का माहौल पूरी तरह बदल गया है। शुक्रवार को जुम्मे के दिन होने के कारण प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु भोजशाला पहुंचे और पूजा-अर्चना की। किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
दशकों पुराना भोजशाला विवाद और कानूनी स्थिति
भोजशाला को लेकर विवाद कई वर्षों से चला आ रहा है। हिंदू समुदाय इसे वाग्देवी मंदिर मानता है जबकि मुस्लिम समुदाय इसे धार्मिक स्थल के रूप में देखता है। इस मुद्दे पर लंबे समय से कानूनी लड़ाई चल रही थी। हाल ही में हाईकोर्ट ने भोजशाला को वाग्देवी मंदिर के रूप में मान्यता दी, जिसके बाद यहां की व्यवस्थाओं और गतिविधियों में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।

सुरक्षा व्यवस्था में बड़े स्तर पर बदलाव
फैसले के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है। एसपी सचिन शर्मा ने बताया कि अदालत के आदेशों का पूरी तरह पालन कराया जाएगा। पूरे शहर में करीब 1800 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। इसमें RAF, QRF और STF के जवान भी शामिल हैं। प्रशासन ने सभी समुदायों के साथ बैठक कर शांति बनाए रखने की अपील की है ताकि किसी भी तरह का तनाव न पैदा हो।
संवेदनशील इलाकों में कड़ी निगरानी
भोजशाला परिसर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है। डॉग स्क्वॉड और घुड़सवार पुलिस भी तैनात की गई है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई हो सके। एसपी सचिन शर्मा खुद घोड़े पर सवार होकर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करते नजर आए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे क्षेत्र में स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है लेकिन संवेदनशीलता को देखते हुए निगरानी लगातार जारी है।
