दिल्ली NCR में दिवाली पर जलेंगे पटाखे सुप्रीम कोर्ट ने दी ग्रीन पटाखों को मंजूरी

DELHI NCR NEWS(India 365 news): दिल्ली और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए दिवाली से पहले बड़ी खबर आई है। सुप्रीम कोर्ट ने इस बार दिवाली पर सीमित समय के लिए पटाखे जलाने की अनुमति दे दी है। हालांकि दिल्ली NCR ग्रीन पटाखे ही जलाने की इजाजत होगी और इसके लिए भी कोर्ट ने कई शर्तें तय की हैं। यानी लोग आतिशबाजी तो कर सकेंगे लेकिन अपनी मर्जी से किसी भी समय और किसी भी तरह के पटाखे नहीं जला पाएंगे।
सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एम एम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की बेंच ने यह फैसला सुनाया है। कोर्ट के आदेश के मुताबिक 7 और 8 नवंबर को सुबह 6 बजे से 7 बजे तक और रात 8 बजे से 10 बजे तक ही पटाखे जलाए जा सकेंगे। इसके अलावा अस्पतालों नर्सिंग होम स्कूलों वृद्धाश्रमों और साइलेंस जोन के 300 मीटर के दायरे में आतिशबाजी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। 9 नवंबर से पटाखों की बिक्री पर भी पूरी तरह रोक लग जाएगी।
कोर्ट ने साफ किया है कि ग्रीन पटाखों का निर्माण 2 से 6 नवंबर तक ही किया जा सकेगा। इन्हें बनाने की अनुमति केवल उन्हीं कंपनियों को होगी जिन्हें CSIR NEERI और PESO से मंजूरी मिली है। पटाखों के हर डिब्बे पर QR कोड होना जरूरी होगा ताकि उसकी पहचान और बैच की जानकारी मिल सके। वहीं बेरियम वाले पटाखों और लड़ियों पर पूरी तरह रोक रहेगी। बिना प्रमाणित पटाखे भी नहीं बेचे जा सकेंगे। ऑनलाइन पटाखे बेचने की अनुमति भी नहीं होगी।
सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि पटाखों से प्रदूषण जरूर बढ़ता है लेकिन पूरी तरह प्रतिबंध लगाने के बावजूद चोरी छिपे पारंपरिक पटाखों की बिक्री होती रहती है। इसलिए बेहतर होगा कि ग्रीन पटाखों के निर्माण और बिक्री पर सख्ती से निगरानी रखी जाए।
कोर्ट ने प्रशासन को अवैध पटाखों की बिक्री रोकने और प्रदूषण पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों में मरीजों की संख्या का रिकॉर्ड भी जुटाना होगा और 14 दिसंबर तक इसकी रिपोर्ट कोर्ट में जमा करनी होगी।
इससे पहले कोर्ट ने दिल्ली सरकार और CAQM को भी पाबंदियों को सही तरीके से लागू नहीं करने पर फटकार लगाई थी। अब देखना होगा कि प्रशासन इन आदेशों का कितना पालन करा पाता है।
