
Maharashtra News(india365news): दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई कांग्रेस की रैली के बाद अब सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। राहुल गांधी के मोदी कहीं नहीं जा सकते वाले बयान पर शिंदे गुट के नेता आनंद दुबे ने पलटवार किया है। उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए सवाल किया कि आखिर वह कहना क्या चाहते हैं। आनंद दुबे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जाने वाले हैं और कांग्रेस को अभी कई साल तक सत्ता मिलने वाली नहीं है।
दरअसल 1 नवंबर को राहुल गांधी के नेतृत्व में दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की महारैली हुई थी। इस रैली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और कथित वोट चोरी के मुद्दे को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए गए थे। इसी दौरान राहुल गांधी ने कहा था कि नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जा सकते और अगर वह जाना भी चाहेंगे तो विपक्ष उन्हें जाने नहीं देगा।
राहुल गांधी के इसी बयान पर आनंद दुबे ने चुटकी ली। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के नेता खुद ही अपनी बातों को लेकर उलझे हुए हैं। कभी कहते हैं कि मोदी जाएंगे तो कभी कहते हैं कि मोदी को कहीं नहीं जाने देंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर राहुल गांधी साफ साफ बताएं कि उनके कहने का मतलब क्या है।
आनंद दुबे ने इस मौके पर नया नारा भी दिया। उन्होंने कहा कि मोदी कहीं नहीं जाएंगे और इंडिया गठबंधन के नेता अभी कई वर्षों तक सत्ता में नहीं आने वाले हैं। उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है।
शिंदे गुट के नेता ने कांग्रेस की महारैली पर भी निशाना साधा। उन्होंने इसे फ्लॉप शो बताते हुए दावा किया कि रैली में करीब 50 से 60 हजार लोग ही पहुंचे थे। आनंद दुबे के मुताबिक कांग्रेस ने रैली में भीड़ जुटाने के लिए हरियाणा उत्तर प्रदेश पंजाब हिमाचल और उत्तराखंड से लोगों को बुलाया था। उन्होंने दावा किया कि 10 लाख लोगों को जुटाने की बात करने वाले नेता अपनी तैयारी के बावजूद उम्मीद के मुताबिक भीड़ नहीं जुटा पाए।
आनंद दुबे ने INDIA गठबंधन को ठगों का बंधन बताते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी दल लोकतंत्र बचाने के बजाय अपने परिवार और राजनीतिक अस्तित्व को बचाने के लिए रैलियां कर रहे हैं। हालांकि रैली में मौजूद लोगों की वास्तविक संख्या को लेकर अलग अलग दावे सामने आए हैं।
इस तरह राहुल गांधी के बयान के बाद बीजेपी और उसके सहयोगी दलों की तरफ से कांग्रेस पर हमले जारी हैं और आने वाले दिनों में यह सियासी बहस और तेज हो सकती है।
