
बिहार की राजनीति में एक बार फिर कानून-व्यवस्था का मुद्दा केंद्र में आ गया है। पटना में चर्चित शिक्षक खान सर के कोचिंग संस्थान के बाहर हुई गोलीबारी की घटना को लेकर राष्ट्रीय जनता दल के नेता और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। गुरुवार को मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद चिंताजनक हो चुकी है और आम लोगों के साथ-साथ शिक्षण संस्थान भी सुरक्षित नहीं रह गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार लगातार सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से बिल्कुल अलग दिखाई देती है। खान सर के संस्थान के बाहर हुई घटना ने एक बार फिर प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और विपक्ष को सरकार पर हमला बोलने का नया मुद्दा मिल गया है।
सम्राट चौधरी सरकार पर तेज प्रताप का सीधा हमला
तेज प्रताप यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि सरकार कानून-व्यवस्था संभालने में सक्षम नहीं है तो मुख्यमंत्री को अपने पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य में लगभग हर दिन अपराध की घटनाएं सामने आ रही हैं और लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उनके अनुसार पटना जैसी राजधानी में यदि शिक्षण संस्थानों के बाहर गोलीबारी हो सकती है तो आम नागरिकों की सुरक्षा की स्थिति का सहज अनुमान लगाया जा सकता है। तेज प्रताप ने दावा किया कि सरकार अपराध नियंत्रण में पूरी तरह विफल साबित हुई है और जनता का भरोसा लगातार कमजोर हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार को बेहतर प्रशासन की जरूरत है और सरकार को केवल दावों के बजाय ठोस कार्रवाई पर ध्यान देना चाहिए।

राबड़ी आवास विवाद को लेकर भी उठाए सवाल
खान सर मामले के अलावा तेज प्रताप यादव ने अपनी मां और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को मिले सरकारी आवास खाली करने के नोटिस पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को 15 दिन के भीतर सरकारी बंगला खाली करने का निर्देश दे रही है तो वही नियम अन्य पूर्व मुख्यमंत्रियों और नेताओं पर भी समान रूप से लागू होना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि यदि नीतीश कुमार, जीतन राम मांझी और अन्य नेताओं को सरकारी आवास उपलब्ध हैं तो केवल राबड़ी देवी को ही निशाना क्यों बनाया जा रहा है। तेज प्रताप ने आरोप लगाया कि यह फैसला राजनीतिक भावना से प्रेरित दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी के लिए समान नियम होने चाहिए और किसी एक व्यक्ति या परिवार को विशेष रूप से निशाना बनाना उचित नहीं माना जा सकता।
मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर भी साधा निशाना
अपने बयान के दौरान तेज प्रताप यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सरकारी आवास को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एक विशाल सरकारी बंगले में रह रहे हैं और यदि उन्हें इतना बड़ा परिसर चाहिए तो उन्हें दिल्ली के लाल किले में जाकर रहना चाहिए। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में नई बहस शुरू हो गई है। दूसरी ओर, राबड़ी देवी के आवास को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है क्योंकि जिस बंगले में वह रह रही हैं, उसे राज्य सरकार द्वारा मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित किए जाने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में यह मामला अब केवल आवास आवंटन तक सीमित नहीं रह गया बल्कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का बड़ा विषय बन चुका है। खान सर के कोचिंग सेंटर के बाहर हुई गोलीबारी और राबड़ी आवास विवाद ने बिहार की राजनीति को एक बार फिर गर्मा दिया है, जहां आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और तीखी बयानबाजी देखने को मिल सकती है।
