
अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा (दान) चोरी मामले में गिरफ्तार सभी आठ आरोपियों को सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने सभी आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई को होगी। वहीं पुलिस ने साफ किया है कि जांच अभी जारी है और जरूरत पड़ने पर पुलिस रिमांड की मांग भी की जा सकती है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई अदालत में पेशी
सभी आरोपियों को जेल से ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत में केस डायरी और अब तक की जांच से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत किए।
पुलिस ने अदालत को बताया कि मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है और कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर जांच जारी है। ऐसे में आरोपियों का न्यायिक हिरासत में रहना आवश्यक है।
ट्रस्ट की शिकायत पर दर्ज हुई थी एफआईआर
पुलिस के अनुसार, यह मामला राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था। शुरुआती जांच में मिले साक्ष्यों के बाद आठों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।

गिरफ्तारी के बाद अदालत ने पहले उन्हें तीन दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेजा था। अब आगे की जांच और साक्ष्य जुटाने के लिए अदालत से 14 दिन की न्यायिक हिरासत का अनुरोध किया गया, जिसे मंजूर कर लिया गया।
छापेमारी में नकदी, गहने और दस्तावेज बरामद
अदालत को यह भी बताया गया कि रविवार को जांच टीम ने आरोपियों के घरों पर छापेमारी की थी। इस दौरान नकदी, सोने-चांदी के आभूषण और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
फिलहाल पुलिस इन सभी बरामद वस्तुओं का सत्यापन कर रही है, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि उनका कथित चोरी के मामले से कोई संबंध है या नहीं।
पुलिस रिमांड की भी हो सकती है मांग
जांच एजेंसियों का कहना है कि यदि आगे की जांच के दौरान आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की आवश्यकता महसूस होती है तो अदालत से पुलिस कस्टडी रिमांड की मांग की जाएगी।
इसके लिए जांच टीम विस्तृत प्रश्नावली तैयार कर रही है। यदि अदालत अनुमति देती है तो आरोपियों से दोबारा पूछताछ की जाएगी। फिलहाल सभी आठ आरोपी 13 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में रहेंगे, जबकि पुलिस मामले से जुड़े अन्य साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है।
