
Amrinder Singh Raja Warring ने मुख्यमंत्री Bhagwant Mann को लेकर चल रहे विवाद के बीच आम आदमी पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अकाल तख्त द्वारा मुख्यमंत्री को ‘गुरु विरोधी’ और ‘सिख विरोधी’ घोषित किए जाने के बाद AAP सरकार लगातार उनका बचाव करने की कोशिश कर रही है, जबकि तथ्यों को लेकर विरोधाभासी बयान दिए जा रहे हैं। वड़िंग ने आरोप लगाया कि सरकार असंभव बातों का बचाव कर रही है और जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है।
फॉरेंसिक रिपोर्ट पर जताया संदेह
कांग्रेस नेता ने वित्त मंत्री Harpal Singh Cheema के उन दावों पर सवाल उठाया, जिनमें कुछ प्रयोगशालाओं की रिपोर्ट का हवाला देकर मुख्यमंत्री को क्लीन चिट देने की बात कही गई थी। वड़िंग ने कहा कि यह आश्चर्यजनक है कि सरकार महज 24 घंटे के भीतर दो अलग-अलग लैब की रिपोर्ट लेकर आ गई। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि जवाब देना ही था तो कम से कम थोड़ा समय लेकर विश्वसनीय तरीके से जवाब दिया जाता।

पुराने और नए दावों में विरोधाभास
राजा वड़िंग ने कहा कि कुछ महीने पहले जब मुख्यमंत्री अकाल तख्त के समक्ष पेश हुए थे, तब उनकी पार्टी ने विवादित वीडियो को एआई जनरेटेड बताया था। लेकिन जब जांच में वीडियो को वास्तविक बताया गया, तो अब यह कहा जा रहा है कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति भगवंत मान नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के बदलते बयान सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करते हैं और लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा करते हैं।
अकाल तख्त से टकराव से बचने की सलाह
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को सलाह दी कि वे Akal Takht जैसी सर्वोच्च सिख धार्मिक संस्था के साथ टकराव से बचें। उन्होंने कहा कि इतिहास में ऐसे टकरावों को सकारात्मक रूप से नहीं देखा गया है। वड़िंग ने चेतावनी दी कि धार्मिक संस्थाओं से टकराव राजनीतिक और सामाजिक रूप से नुकसानदायक साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में पारदर्शिता और सच्चाई सामने आनी चाहिए ताकि लोगों के मन में उठ रहे सवालों का जवाब मिल सके।
