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यूपी चुनाव से पहले RLD एक्टिव, जयंत चौधरी ने अखिलेश यादव के बयान पर दिया जवाब

राष्ट्रीय लोक दल (RLD) ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी रणनीति के तहत RLD अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने दिल्ली में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गुर्जर नेताओं के साथ अहम बैठक की।

बैठक में पार्टी संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावों के लिए सामाजिक समीकरण साधने पर चर्चा हुई।

गुर्जर नेताओं के साथ हुई अहम बैठक

जयंत चौधरी की बैठक में पूर्व सांसद मलूक नागर, सांसद चंदन चौहान समेत कई प्रमुख गुर्जर नेता शामिल हुए।

RLD का फोकस पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपने संगठन को मजबूत करने और विभिन्न सामाजिक समूहों के बीच अपनी पकड़ बढ़ाने पर है। पार्टी आगामी चुनावों के लिए जमीनी स्तर पर तैयारियों को आगे बढ़ा रही है।

अखिलेश यादव के बयान पर जयंत का पलटवार

बैठक के बाद जयंत चौधरी ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को अपनी बात रखनी चाहिए, लेकिन उनके साथ खड़े रहे सहयोगियों को इस तरह की बयानबाजी से सोचने पर मजबूर किया जा रहा है।

जयंत चौधरी ने कहा कि लोकतंत्र में जनता सबसे बड़ी ताकत होती है और जनता ही तय करती है कि किसे समर्थन देना है।

‘चवन्नी से रुपया’ टिप्पणी पर दिया जवाब

अखिलेश यादव की ओर से की गई ‘चवन्नी से रुपया’ वाली टिप्पणी पर जब जयंत चौधरी से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस बारे में अखिलेश यादव से ही पूछा जाना चाहिए।

यूपी चुनाव से पहले RLD एक्टिव, जयंत चौधरी ने अखिलेश यादव के बयान पर दिया जवाब

उन्होंने सीधे तौर पर टिप्पणी करने से बचते हुए लोकतांत्रिक प्रक्रिया और जनता के फैसले को अहम बताया।

गठबंधन की राजनीति पर बढ़ी चर्चा

अखिलेश यादव ने हाल ही में बिना नाम लिए उन नेताओं पर निशाना साधा था, जो सपा के साथ गठबंधन में आए और बाद में अलग हो गए।

उन्होंने कहा था कि कुछ लोगों को उन्होंने आगे बढ़ाया, लेकिन वे साथ छोड़कर चले गए। इस बयान को RLD समेत बीजेपी के सहयोगी दलों पर तंज के रूप में देखा गया।

पश्चिमी यूपी में RLD की चुनावी रणनीति

पश्चिमी उत्तर प्रदेश RLD के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र रहा है। पार्टी इस क्षेत्र में संगठन विस्तार और सामाजिक समीकरण मजबूत करने पर ध्यान दे रही है।

जयंत चौधरी की गुर्जर नेताओं के साथ बैठक को इसी चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। अब देखने वाली बात होगी कि आगामी विधानसभा चुनाव में RLD अपनी स्थिति को कितना मजबूत कर पाती है।

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