
पटना में TRE-4 समेत परीक्षा सुधारों की मांग को लेकर निकले छात्रों के मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों में टकराव हो गया। बैरिकेडिंग टूटने के बाद लाठीचार्ज और वॉटर कैनन के इस्तेमाल पर सियासत तेज हो गई है।
सीएम आवास की ओर बढ़े छात्र
मंगलवार, 25 अगस्त को पटना में बड़ी संख्या में छात्रों ने मुख्यमंत्री आवास के घेराव के लिए मार्च निकाला। प्रदर्शनकारी छात्र TRE-4 परीक्षा प्रक्रिया में बदलाव समेत कई मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। प्रशासन ने उन्हें पहले जेपी गोलंबर और बाद में डाकबंगला के पास रोकने की कोशिश की।
बैरिकेडिंग टूटने के बाद बढ़ा तनाव
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कथित तौर पर बैरिकेडिंग तोड़ दी। इसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया। वॉटर कैनन के इस्तेमाल की बात भी सामने आई है। घटना के बाद छात्र संगठनों और सरकार के बीच पहले से चल रही तनातनी और बढ़ गई।

रोहिणी आचार्य ने सरकार पर साधा निशाना
आरजेडी नेता रोहिणी आचार्य ने घटना को लेकर बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई से सम्राट सरकार की कथित दमनकारी प्रवृत्ति सामने आती है।
उन्होंने कहा कि छात्रों पर बार-बार बल प्रयोग और लाठीचार्ज लोकतांत्रिक मूल्यों तथा युवाओं के भविष्य के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय है।
संविधान के अधिकार का दिया हवाला
रोहिणी आचार्य ने कहा कि संविधान शांतिपूर्ण तरीके से विरोध और प्रदर्शन करने का मौलिक अधिकार देता है। उनके मुताबिक उचित मांगों को लेकर मार्च कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज और वॉटर कैनन का इस्तेमाल लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है।
उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों में वर्षों तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं पर बल प्रयोग उनके मनोबल को प्रभावित करता है।
परीक्षा सुधार को लेकर पहले से आंदोलन
पटना के गर्दनीबाग में छात्र लंबे समय से BPSC और TRE-4 समेत विभिन्न परीक्षाओं में सुधार की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। TRE-4 अभ्यर्थी परीक्षा प्रक्रिया में बदलाव की मांग कर रहे हैं, जबकि BPSC से जुड़ी पारदर्शिता और अन्य मुद्दे भी आंदोलन का हिस्सा हैं।
बातचीत से समाधान की मांग
रोहिणी आचार्य ने बल प्रयोग करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों और अभ्यर्थियों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करनी चाहिए और परीक्षा सुधारों को लेकर जल्द निर्णय लेना चाहिए।
पटना की सड़कों पर हुआ यह टकराव अब सिर्फ परीक्षा प्रक्रिया का मुद्दा नहीं रह गया है। सवाल यह है कि सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच संवाद से रास्ता निकलेगा या बिहार में छात्र आंदोलन और राजनीतिक टकराव आने वाले दिनों में और तेज होगा।
