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CJP और केंद्र सरकार की बैठक खत्म, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ा संगठन

पेपर लीक मामले को लेकर जारी आंदोलन के बीच शुक्रवार को केंद्र सरकार और CJP के प्रतिनिधियों के बीच दिल्ली में महत्वपूर्ण बैठक हुई। करीब एक घंटे चली इस बैठक में दोनों पक्षों ने अपने-अपने पक्ष रखे, लेकिन CJP ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अपना रुख बरकरार रखा।

केंद्र सरकार और CJP के बीच अहम बैठक

दिल्ली के विट्ठल हाउस में आयोजित बैठक में केंद्र सरकार और CJP के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। आंदोलन शुरू होने के बाद यह दोनों पक्षों के बीच दूसरी औपचारिक बैठक थी। सुरक्षा कारणों से बैठक का स्थान कॉन्स्टिट्यूशन क्लब से बदलकर विट्ठल हाउस किया गया।

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर कायम CJP

बैठक से पहले CJP के फाउंडिंग प्रेसिडेंट अभिजीत दिपके ने कहा कि संगठन की मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है। उन्होंने कहा कि जब तक यह मांग पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। CJP की ओर से सौरव दास और आशुतोष रांका बैठक में शामिल हुए।

CJP और केंद्र सरकार की बैठक खत्म, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ा संगठन

सरकार से बातचीत पर क्या बोले दिपके

अभिजीत दिपके ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि देशभर के युवाओं का आंदोलन है। उन्होंने यह भी कहा कि संगठन का उद्देश्य राजनीतिक लाभ नहीं, बल्कि छात्रों के हितों की रक्षा करना है। साथ ही उन्होंने सोनम वांगचुक द्वारा भूख हड़ताल समाप्त किए जाने पर खुशी जताई।

सरकार ने बातचीत से समाधान पर दिया जोर

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बैठक से पहले कहा कि सरकार बातचीत के माध्यम से समाधान निकालना चाहती है। उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटों में सरकार की ओर से कई बार बातचीत का प्रस्ताव भेजा गया और छात्रों से सकारात्मक संवाद की अपील की गई।

आगे भी जारी रह सकती है बातचीत

सरकार की ओर से यह संकेत दिए गए हैं कि संवाद का रास्ता खुला रहेगा। वहीं CJP ने अपने रुख में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया है। ऐसे में आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बीच आगे भी बातचीत होने की संभावना बनी हुई है।

पेपर लीक मामले को लेकर सरकार और CJP के बीच बातचीत का दौर जारी है, लेकिन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अभी सहमति बनती नहीं दिख रही। अब यह देखना अहम होगा कि आगे की वार्ताओं में कोई साझा समाधान निकल पाता है या नहीं।

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