
पटना में जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) की राष्ट्रीय परिषद की महत्वपूर्ण बैठक शुरू हो गई है। प्रदेश कार्यालय स्थित कर्पूरी सभागार में आयोजित इस बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय, प्रदेश और जिला स्तर के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हो रहे हैं। बैठक का मुख्य आकर्षण राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्वाचन पर राष्ट्रीय परिषद की औपचारिक मुहर लगना है। इसके साथ ही संगठन को मजबूत करने और आगामी राजनीतिक चुनौतियों से निपटने की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा की जाएगी।
बैठक के दौरान जेडीयू के संगठनात्मक ढांचे को और मजबूत बनाने के उपायों पर विचार किया जाएगा। पार्टी सूत्रों के अनुसार, सात निश्चय-3 कार्यक्रम को गांव-गांव और आम जनता तक पहुंचाने की रणनीति तैयार की जाएगी। इसके अलावा विकसित बिहार के विजन, आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों और संगठन विस्तार से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर भी चर्चा होने की संभावना है। नव-निर्वाचित राष्ट्रीय परिषद की बैठक दोपहर 3 बजे से 4 बजे तक चलेगी, जबकि इसके बाद खुला अधिवेशन आयोजित किया जाएगा।

बिहार सरकार में मंत्री अशोक चौधरी ने बैठक को लेकर कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के बाद निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया के तहत राष्ट्रीय परिषद और राज्य परिषद द्वारा उनके निर्वाचन का औपचारिक अनुमोदन किया जाता है। उन्होंने कहा कि बैठक में राजनीतिक और संगठनात्मक प्रस्तावों पर चर्चा होगी तथा पार्टी को भविष्य में और अधिक मजबूत बनाने की दिशा तय की जाएगी। अशोक चौधरी ने यह भी कहा कि संगठन के विस्तार और कार्यकर्ताओं की भूमिका को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अशोक चौधरी ने कहा कि निशांत कुमार पार्टी के नेता हैं और भविष्य में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। उन्होंने कहा कि नेतृत्व के प्रति सभी कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर काम करना चाहिए। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बैठक जेडीयू के लिए केवल संगठनात्मक औपचारिकता नहीं, बल्कि आगामी राजनीतिक समीकरणों और चुनावी रणनीति की दिशा तय करने वाला अहम मंच साबित हो सकती है।
