
पंजाब सरकार ने गुरू रविदास जी की पवित्र बाणी को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने शहर में आयोजित एक कीर्तन दरबार में इस पहल की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार अपने वादों के अनुरूप गुरू रविदास जी के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस पहल को सामाजिक और आध्यात्मिक जागरूकता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
डेरा सचखंड बल्लां के पास बनेगा अध्ययन केंद्र
इस उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार ने ‘श्री गुरु रविदास बाणी अध्ययन केंद्र’ स्थापित करने का निर्णय लिया है। यह केंद्र डेरा सचखंड बल्लां जी के निकट बनाया जाएगा और इसके लिए लगभग दस एकड़ भूमि पहले ही अधिग्रहित की जा चुकी है। वित्त मंत्री ने बताया कि इस केंद्र में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी और यहां करीब 750 लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। यह केंद्र न केवल धार्मिक अध्ययन का स्थान होगा बल्कि शोध और सांस्कृतिक गतिविधियों का भी प्रमुख केंद्र बनेगा।

आध्यात्मिक ज्ञान और सामाजिक एकता का केंद्र बनेगा प्रोजेक्ट
मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह अध्ययन केंद्र केवल एक इमारत नहीं होगा बल्कि यह गुरु साहिब की बाणी और शिक्षाओं के गहन अध्ययन, शोध और प्रसार का एक प्रमुख केंद्र बनेगा। इसके माध्यम से समाज में आध्यात्मिक मूल्यों को मजबूत किया जाएगा और लोगों को गुरु रविदास जी के समानता, भाईचारे और मानवता के संदेश से जोड़ा जाएगा। सरकार का उद्देश्य समाज में सकारात्मक सोच और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है।
निर्माण कार्य जल्द शुरू और युवाओं के लिए विशेष कार्यक्रम
वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि अध्ययन केंद्र के वास्तुशिल्पीय डिजाइन और अन्य औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं और निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही रूपनगर से शुरू हुई कीर्तन और कथा संगतों की श्रृंखला अब पूरे वर्ष राज्य के सभी जिलों में जारी रहेगी। युवाओं को इस अभियान से जोड़ने के लिए शैक्षणिक संस्थानों में भी समय-समय पर आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि वे अपनी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जड़ों से जुड़े रहें। इस अवसर पर स्थानीय विधायक एडवोकेट दिनेश चड्ढा भी उपस्थित रहे और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम में भाग लिया।
