
हार के बाद पार्टी ने संगठन को फिर से खड़ा करने की पहल शुरू की। हरियाणा में निकाय चुनाव में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस ने अब अपने संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश इकाई ने सभी जिलाध्यक्षों से ब्लॉक अध्यक्ष पद के लिए तीन संभावित नामों की सूची मांगी है। इस सूची में कम से कम एक महिला उम्मीदवार को शामिल करना अनिवार्य किया गया है ताकि संगठन में महिला भागीदारी को बढ़ावा दिया जा सके। पार्टी का उद्देश्य आने वाले चुनावों से पहले जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करना है।
एक सप्ताह में मांगी गई सूची, 15 दिन में होगा चयन
ब्लॉक अध्यक्ष चयन की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने की योजना। कांग्रेस ने निर्देश दिया है कि जिलाध्यक्ष एक सप्ताह के भीतर तीन नामों की सूची प्रदेश नेतृत्व को सौंप दें। इसके बाद अगले 15 दिनों के भीतर इन नामों में से एक नाम को अंतिम रूप दिया जाएगा। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ब्लॉक स्तर पर कार्यकारिणी का भी गठन किया जाएगा। गुरुग्राम, फरीदाबाद और अंबाला जैसे बड़े शहरों में शहरी क्षेत्रों के लिए दो-दो ब्लॉक अध्यक्ष बनाए जाएंगे ताकि संगठनात्मक ढांचा मजबूत किया जा सके और चुनावी तैयारी बेहतर हो सके।

गुटबाजी और टिकट वितरण पर हार का ठीकरा फूटा
निकाय चुनाव में हार के बाद संगठन की कमजोरियां आईं सामने। हाल ही में हुई प्रदेश स्तरीय समीक्षा बैठक में यह स्पष्ट हुआ कि हार के पीछे संगठनात्मक कमजोरी और गुटबाजी प्रमुख कारण रहे हैं। बैठक में यह भी सामने आया कि टिकट वितरण में बड़े नेताओं के हस्तक्षेप और जमीन से जुड़े कार्यकर्ताओं की अनदेखी ने पार्टी को नुकसान पहुंचाया। कई स्थानों पर ऐसे उम्मीदवारों को टिकट मिला जो जमीनी स्तर पर सक्रिय नहीं थे, जिससे चुनावी प्रदर्शन कमजोर रहा और पार्टी को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
ब्लॉक स्तर पर मजबूत संगठन से चुनावी तैयारी की रणनीति
कांग्रेस अब जमीनी स्तर पर संगठन को फिर से मजबूत करने में जुटी। पार्टी का मानना है कि ब्लॉक स्तर पर मजबूत संगठन ही आगामी चुनावों में बेहतर प्रदर्शन की कुंजी है। इसी कारण अब हर ब्लॉक में अनुभवी और सक्रिय कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देने की योजना बनाई गई है। प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया है कि तीन नामों में से उसी व्यक्ति को चुना जाएगा जो लंबे समय से पार्टी के लिए काम कर रहा हो और जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़ रखता हो। पार्टी का फोकस अब संगठन को फिर से सक्रिय और मजबूत बनाने पर है।
