
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए एक बड़ा और अहम फैसला लिया है। 18 मई से हर सोमवार को 24 अतिरिक्त मेट्रो फेरे चलाए जाएंगे ताकि भीड़भाड़ को कम किया जा सके और यात्रियों को अधिक आरामदायक यात्रा मिल सके। अधिकारियों के अनुसार, जरूरत पड़ने पर अन्य दिनों में भी अतिरिक्त ट्रेनें चलाई जा सकती हैं। इस कदम का मुख्य उद्देश्य पीक आवर्स में होने वाली भीड़ को नियंत्रित करना और यात्रियों की यात्रा को अधिक सुगम बनाना है।
स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था होगी और अधिक मजबूत
DMRC ने केवल ट्रेनों की संख्या ही नहीं बढ़ाई है बल्कि सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करने पर जोर दिया है। प्रमुख स्टेशनों पर अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी और नए टिकट काउंटर भी खोले जाएंगे ताकि यात्रियों की आवाजाही तेजी से हो सके। इसके साथ ही आधुनिक जांच उपकरण लगाए जाएंगे। सुरक्षा जांच को और प्रभावी बनाने के लिए DFMD और बैगेज स्कैनर का उपयोग भी तेज किया जाएगा, जिससे किसी भी प्रकार की सुरक्षा चूक की संभावना को कम किया जा सके।

मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी से बढ़ी यात्रियों की सुविधा
दिल्ली मेट्रो अब दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख क्षेत्रों जैसे बाजार, सरकारी दफ्तर, कॉरपोरेट हब, शैक्षणिक संस्थान और पर्यटन स्थलों को बेहतर तरीके से जोड़ रही है। इसके साथ ही ISBT, एयरपोर्ट, RRTS, नोएडा और गुरुग्राम रैपिड मेट्रो से भी मजबूत मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी विकसित की गई है। DMRC ने बताया कि 160 मेट्रो स्टेशनों पर लास्ट माइल कनेक्टिविटी नेटवर्क तैयार किया गया है, जिससे लगभग 1 लाख यात्री रोजाना लाभान्वित हो रहे हैं। ई-रिक्शा, ई-ऑटो, बाइक टैक्सी और साइकिल सेवाएं इस व्यवस्था का हिस्सा हैं।
डिजिटल और पर्यावरण अनुकूल सफर पर DMRC का जोर
DMRC लगातार यात्रियों को डिजिटल और सुविधाजनक सेवाएं देने पर काम कर रही है। QR टिकटिंग, NCMC कार्ड, WhatsApp टिकटिंग, Paytm, PhonePe, Amazon और IRCTC जैसी सेवाओं के जरिए टिकटिंग को आसान बनाया गया है। इसके अलावा सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में हाइड्रोजन आधारित बस सेवा शुरू करने की योजना भी सामने आई है। 126 मेट्रो स्टेशनों पर पार्क एंड राइड सुविधा उपलब्ध है, जिससे निजी वाहनों पर निर्भरता कम हो रही है। DMRC का लक्ष्य दिल्ली-एनसीआर में एक सस्ता, तेज और पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को और मजबूत करना है।
