
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से ईंधन की मितव्ययिता और सादगी अपनाने की अपील के बावजूद मध्य प्रदेश में भाजपा के कुछ नेताओं ने सैकड़ों वाहनों के साथ भव्य रैलियां निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया। यह मामला पार्टी संगठन के लिए असहज स्थिति बन गया है क्योंकि पीएम की अपील के ठीक उलट इस तरह के बड़े काफिले देखे गए। बताया जा रहा है कि इन रैलियों को लेकर भोपाल से लेकर दिल्ली तक नाराजगी जताई गई है और इसे पार्टी लाइन के खिलाफ माना जा रहा है।
भोपाल से दिल्ली तक नाराजगी, 7 बड़े नेताओं को भेजा गया नोटिस
इन घटनाओं के बाद भाजपा संगठन ने सख्त रुख अपनाते हुए 7 नेताओं को नोटिस जारी कर भोपाल तलब किया है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि जो भी नेता पार्टी की नीति और अनुशासन से भटककर हुड़दंग या शक्ति प्रदर्शन करेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल स्वयं इन नेताओं से पूछताछ करेंगे और उनके आचरण पर स्पष्टीकरण लेंगे। संगठन का मानना है कि इस तरह की गतिविधियां पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं।

कौन हैं वे 7 नेता जिन पर गिरी संगठन की गाज
जिन नेताओं को तलब किया गया है उनमें कई बड़े और प्रभावशाली नाम शामिल हैं। इनमें रेखा यादव जो राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष हैं, वीरेंद्र गोयल जो सिंगरौली विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष हैं, पवन पाटीदार जो भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष हैं, पंकज जोशी खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष, राकेश जादौन उपाध्यक्ष, टिकेंद्र प्रताप सिंह किसान मोर्चा देवास अध्यक्ष और सत्येंद्र भूषण लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष शामिल हैं। इन सभी नेताओं को पार्टी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अनुशासन से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
पीएम मोदी की मिसाल और पार्टी की सख्त चेतावनी
हाल ही में हैदराबाद की एक रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ईंधन, गैस और संसाधनों के संयमित उपयोग की अपील की थी। उन्होंने यहां तक सुझाव दिया था कि लोग अगले एक वर्ष तक सोने की खरीद से बचें। इसके बाद पीएम मोदी ने खुद भी सादगी का उदाहरण पेश करते हुए सीमित सुरक्षा काफिले और कम वाहनों का इस्तेमाल किया। कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों ने भी इसे अपनाया, लेकिन मध्य प्रदेश के इन नेताओं की रैलियों ने पार्टी नेतृत्व को नाराज कर दिया। अब संगठन ने स्पष्ट कर दिया है कि अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई तय है।
