
चुनाव आयोग ने घोषणा की है कि तीसरे चरण में 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर (SIR) प्रक्रिया लागू की जाएगी। इस सूची में पंजाब भी शामिल है। यह प्रक्रिया वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण से जुड़ी है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाना बताया गया है। लेकिन पंजाब में इस फैसले ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है और अब यह मुद्दा सीधे केंद्र बनाम राज्य की बहस में बदलता दिख रहा है।
भगवंत मान का सख्त रुख, पंजाब में लागू नहीं होने देंगे SIR
पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann ने इस फैसले पर खुलकर विरोध जताया है। उन्होंने साफ कहा कि वह पंजाब में SIR प्रक्रिया को लागू नहीं होने देंगे। उनके अनुसार, वोटर लिस्ट से किसी भी सही मतदाता का नाम हटाना स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनका कहना है कि लोकतंत्र में जनता के अधिकारों से कोई समझौता नहीं किया जा सकता और यदि ऐसी कोई कार्रवाई हुई तो राज्य सरकार इसका विरोध करेगी।

पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान बयान
सोमवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान अपने परिवार के साथ पटना पहुंचे, जहां उन्होंने पटना सिटी स्थित गुरुद्वारे में दर्शन करने की योजना बनाई। पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब के मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा उनकी प्राथमिकता है और किसी भी तरह की गलत वोटिंग प्रक्रिया या नाम हटाने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
प्रधानमंत्री की अपील पर भी साधा निशाना
इसी बातचीत में Bhagwant Singh Mann ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपील और विदेश यात्रा पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि सरकार को पहले देश के संसाधनों की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए जैसे पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का स्टॉक कितना है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि एक ओर लोगों से विदेश यात्रा न करने की अपील की जाती है, जबकि दूसरी ओर खुद शीर्ष नेतृत्व विदेश दौरों पर जाता है। इस बयान ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।
