
हरियाणा की राजनीति में उस समय हलचल बढ़ गई जब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने करनाल के इंद्री में राज्यपाल से मुलाकात के बाद कांग्रेस विधायक मामन खान के मामले पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में कई सवाल खड़े होते हैं क्योंकि शुरुआती एफआईआर में मामन खान का नाम शामिल नहीं था लेकिन बाद में उसे जोड़ा गया और गंभीर धाराएं लगा दी गईं। हुड्डा ने इस पर चिंता जताते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच बेहद जरूरी है ताकि सच्चाई सामने आ सके और किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय न हो।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि मामन खान पर यूएपीए जैसी सख्त धाराएं लगाई गई हैं जो अपने आप में गंभीर मामला है। उन्होंने दावा किया कि जिस समय यह घटना हुई उस समय मामन खान मौके पर मौजूद ही नहीं थे। इसके साथ ही उन्होंने नूंह मामले से उनका कोई संबंध होने से भी इनकार किया। हुड्डा ने कहा कि कानून का इस्तेमाल न्याय के लिए होना चाहिए न कि किसी को गलत तरीके से फंसाने के लिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की गहराई से जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

जेजेपी पर तंज बीजेपी की बी टीम बताकर साधा निशाना
हिसार में जेजेपी द्वारा आयोजित छात्र महापंचायत पर प्रतिक्रिया देते हुए हुड्डा ने जेजेपी को बीजेपी की बी टीम करार दिया। उन्होंने कहा कि हरियाणा में बीजेपी की सरकार बनाने में जेजेपी की अहम भूमिका रही है और दोनों दलों के बीच राजनीतिक समीकरण साफ नजर आते हैं। जब उनसे इस कार्यक्रम में शामिल सांसद पप्पू यादव को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने दोहराया कि जेजेपी बीजेपी के साथ खड़ी नजर आती है। इस बयान ने हरियाणा की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है।
कानून व्यवस्था पर सरकार को घेरा क्राइम ग्राफ बढ़ने का आरोप
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने राज्य की कानून व्यवस्था पर भी सरकार को घेरते हुए कहा कि हरियाणा में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सैनी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पहले हरियाणा से अपराधियों को बाहर निकालने की जरूरत है। हुड्डा ने दावा किया कि उनके कार्यकाल में अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई की गई थी और कई बदमाश राज्य छोड़कर भाग गए थे। लेकिन अब स्थिति बदल गई है और अपराध लगातार बढ़ रहे हैं जिससे जनता में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।
