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बिहार में कानून व्यवस्था पर तेजस्वी यादव का बड़ा हमला सामने आया

बिहार की राजनीति में एक बार फिर तीखी बयानबाजी देखने को मिली है। नेता प्रतिपक्ष Tejashwi Yadav ने राज्य की एनडीए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि बीते छह महीनों में बिहार में नेतृत्व को लेकर बड़ा बदलाव हुआ है और जनता द्वारा चुने गए मुख्यमंत्री को हटाकर चयनित नेतृत्व को आगे किया गया है। उनके मुताबिक यह लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है और सरकार की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्न उठाता है। उन्होंने मुख्यमंत्री Samrat Chaudhary के प्रशासनिक फैसलों पर भी सीधा निशाना साधा है और गृह विभाग के संचालन को लेकर भी असंतोष जताया है।

महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर आरोप

Tejashwi Yadav ने कहा कि बिहार में महिलाओं की सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा बन चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और महिलाएं तथा बच्चियां खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार महिला सशक्तिकरण की बात तो करती है लेकिन जमीन पर हालात बिल्कुल उलट हैं। उनके अनुसार अपराधियों का मनोबल इतना बढ़ चुका है कि वे लगातार गंभीर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं और प्रशासन उन्हें रोकने में नाकाम साबित हो रहा है।

बिहार में कानून व्यवस्था पर तेजस्वी यादव का बड़ा हमला सामने आया

अपराध के आंकड़ों से सरकार पर हमला

तेजस्वी यादव ने कई जिलों के आंकड़े पेश करते हुए दावा किया कि राज्य में लगातार अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि दरभंगा, सहरसा, मुजफ्फरपुर, पटना और भोजपुर सहित कई जिलों में गंभीर आपराधिक घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लॉ एंड ऑर्डर पूरी तरह से बिगड़ चुका है और सरकार अपराधियों पर नियंत्रण नहीं रख पा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार एनकाउंटर की बात करती है तो महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों पर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं होती। उन्होंने इसे प्रशासनिक विफलता बताया।

सरकार पर प्रचार और असफलता का आरोप

Tejashwi Yadav ने सरकार पर सोशल मीडिया और प्रचार में व्यस्त रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार जमीन पर काम करने के बजाय केवल दिखावे की राजनीति कर रही है। उन्होंने महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण से जुड़े मुद्दों को भी उठाया और कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं। उन्होंने सरकार की योजनाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि वादों के बावजूद महिलाओं को वास्तविक लाभ नहीं मिल रहा है। साथ ही उन्होंने राज्य की आर्थिक स्थिति और बढ़ते कर्ज को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि बिहार विकास की बजाय संकट की ओर बढ़ रहा है।

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