
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद अभिषेक बनर्जी को मानहानि मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाई कोर्ट की एकल पीठ ने उनके खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट पर दोबारा रोक लगा दी है। इससे पहले 17 जून 2026 को वकीलों की गैरहाजिरी के कारण अदालत ने वारंट पर लगी रोक हटा दी थी और उनकी याचिका भी खारिज कर दी गई थी।
हाई कोर्ट ने फिर बहाल की याचिका
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार अग्रवाल की सिंगल बेंच ने अभिषेक बनर्जी की याचिका को पुनः बहाल करते हुए गिरफ्तारी वारंट पर अंतरिम रोक लगा दी। अदालत के इस फैसले से फिलहाल अभिषेक बनर्जी को राहत मिल गई है और मामले की आगे सुनवाई जारी रहेगी।

आकाश विजयवर्गीय ने दर्ज कराया था मानहानि का केस
यह मामला भाजपा नेता और मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बेटे तथा पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय द्वारा दायर मानहानि शिकायत से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार, नवंबर 2020 में कोलकाता की एक राजनीतिक रैली के दौरान अभिषेक बनर्जी ने कथित रूप से आकाश विजयवर्गीय को “गुंडा” कहा था। इसी टिप्पणी को आधार बनाकर वर्ष 2021 में भोपाल की एमपी-एमएलए कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया गया था।
गिरफ्तारी वारंट को हाई कोर्ट में दी थी चुनौती
एमपी-एमएलए कोर्ट, भोपाल ने मामले में अभिषेक बनर्जी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इसके बाद उन्होंने इस वारंट को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में चुनौती दी। अब हाई कोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए गिरफ्तारी वारंट पर रोक लगा दी है। मामले की अगली सुनवाई में अदालत आगे की कानूनी प्रक्रिया पर फैसला करेगी।
