राजनीतिराज्य

हरीश रावत ने सरकार पर आपदा प्रबंधन में लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रदेश सरकार पर आपदा प्रभावित क्षेत्रों की अनदेखी का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार पुनर्निर्माण कार्यों को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं दिखाई दे रही है और पूर्व में तय किए गए मानकों को भी प्रभावी ढंग से लागू नहीं कर पा रही है। रावत के अनुसार, आपदा प्रभावित परिवार आज भी मूलभूत सुविधाओं और राहत कार्यों की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जो सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है।

पौसारी-बैसानी गांव का निरीक्षण, प्रभावित परिवारों से मुलाकात

शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कनलगढ़ घाटी के आपदाग्रस्त गांव पौसारी-बैसानी का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और पुनर्निर्माण कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि आपदा के बाद जीवन सामान्य नहीं हो पाया है और कई परिवार अभी भी पुनर्वास की प्रतीक्षा कर रहे हैं। रावत ने कहा कि जमीनी स्तर पर हालात अपेक्षा से काफी अधिक चिंताजनक हैं।

हरीश रावत ने सरकार पर आपदा प्रबंधन में लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए

केंद्र से मिले 1400 करोड़ के उपयोग पर उठाए सवाल

जिला मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान हरीश रावत ने राज्य सरकार पर केंद्र से मिले लगभग 1400 करोड़ रुपये के उपयोग को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी राशि मिलने के बावजूद प्रभावित क्षेत्रों में अपेक्षित सुधार नजर नहीं आ रहा है। रावत ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारी अपने स्तर पर कार्य कर रहे हैं, लेकिन उन्हें राजनीतिक स्तर पर आवश्यक सहयोग नहीं मिल पा रहा है, जिससे पुनर्निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

महिला आरक्षण और पंचायत व्यवस्था पर भी साधा निशाना

पूर्व मुख्यमंत्री ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि पूर्ण बहुमत होने के बावजूद इसे समय पर लागू न करना सरकार की नैतिक विफलता को दर्शाता है। इसके साथ ही उन्होंने जिला योजना समिति की बैठक में जिला पंचायत सदस्यों को शामिल न किए जाने पर भी सवाल उठाए। रावत ने कहा कि पंचायत गठन के नौ महीने बाद भी डीपीसी का गठन न होना पंचायतीराज अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है। इस अवसर पर कई पूर्व विधायक और वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button