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पंजाब में चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में SIR शुरू

चुनाव आयोग ने गुरुवार को वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तीसरे चरण का ऐलान कर दिया है। इस चरण के तहत दिल्ली, महाराष्ट्र, पंजाब, कर्नाटक समेत देश के 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में वोटर लिस्ट का पुनरीक्षण किया जाएगा। चुनाव आयोग ने बताया कि यह प्रक्रिया जनगणना की हाउस लिस्टिंग गतिविधियों के साथ तालमेल रखते हुए तय की गई है ताकि जमीनी स्तर पर काम को बेहतर तरीके से पूरा किया जा सके। आयोग के अनुसार दिल्ली में अंतिम वोटर लिस्ट 7 अक्टूबर को जारी की जाएगी।

हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बाद में शुरू होगी प्रक्रिया

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि SIR के तीसरे चरण में लगभग पूरे देश को कवर किया जाएगा, लेकिन हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को फिलहाल इससे बाहर रखा गया है। आयोग का कहना है कि इन क्षेत्रों में जनगणना के दूसरे चरण के पूरा होने और ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम व बर्फबारी की स्थिति को देखते हुए वहां SIR का कार्यक्रम बाद में घोषित किया जाएगा। इससे पहले पहले और दूसरे चरण में 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है, जिसमें करीब 59 करोड़ मतदाताओं को शामिल किया गया था।

पंजाब में चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में SIR शुरू

करीब 4 लाख BLO घर-घर जाकर करेंगे सत्यापन

तीसरे चरण के दौरान चुनाव आयोग करीब 3.94 लाख बूथ लेवल ऑफिसर्स यानी BLO को तैनात करेगा, जो घर-घर जाकर लगभग 36.73 करोड़ मतदाताओं से संपर्क करेंगे। इस प्रक्रिया में राजनीतिक दलों की भूमिका भी अहम रहने वाली है। आयोग ने बताया कि विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त किए गए 3.42 लाख बूथ लेवल एजेंट यानी BLA भी BLO की मदद करेंगे। आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि हर पोलिंग बूथ के लिए अपने प्रतिनिधि नियुक्त करें ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से पूरी हो सके।

दिल्ली समेत इन राज्यों में चलेगा तीसरा चरण 

SIR के तीसरे चरण में दिल्ली, महाराष्ट्र, पंजाब, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, मणिपुर, नागालैंड, मेघालय, मिजोरम, ओडिशा, सिक्किम, त्रिपुरा, तेलंगाना और उत्तराखंड शामिल हैं। इसके अलावा चंडीगढ़, दमन-दीव और दादर एवं नगर हवेली जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में भी यह प्रक्रिया चलाई जाएगी। चुनाव आयोग का कहना है कि इस व्यापक पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य वोटर लिस्ट को अधिक सटीक और अपडेट बनाना है ताकि चुनाव प्रक्रिया को और मजबूत किया जा सके।

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