तय अवधि पूरी, फिर भी जारी टोल वसूली! फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड पर बढ़ा विवाद

फरीदाबाद, गुरुग्राम और सोहना टोल रोड पर स्थित चार टोल प्लाजा की निर्धारित वसूली अवधि पूरी होने के बावजूद वाहन चालकों से शुल्क लिया जा रहा है। बताया जा रहा है कि अब इन टोल प्लाजा का संचालन निजी कंपनी की बजाय सरकार के अधीन है और प्रतिदिन लगभग 30 लाख रुपये की वसूली की जा रही है। इससे फरीदाबाद, गुरुग्राम, पलवल और दिल्ली के करीब ढाई लाख वाहन चालक प्रभावित हो रहे हैं।
2009 में शुरू हुई थी परियोजना
गुरुग्राम-फरीदाबाद टोल रोड परियोजना वर्ष 2009 में शुरू हुई थी। इसके तहत फरीदाबाद से गुरुग्राम और बल्लभगढ़ से सोहना तक सड़क निर्माण के बाद बंधवाड़ी, नूनेरा, पाली और पाखल में टोल प्लाजा स्थापित किए गए थे। परियोजना की शर्तों के अनुसार निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद टोल वसूली बंद होनी थी। पहले इसकी अंतिम तिथि 12 जून तय थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 2 जुलाई तक कर दिया गया।

जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल
बंधवाड़ी टोल प्लाजा को हटाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। स्थानीय निवासी, उद्योगपति और जनप्रतिनिधि लगातार टोल समाप्त करने की मांग उठा रहे हैं। बड़खल से विधायक धनेश अदलखा ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर टोल बंद करने की अपील की थी। उनका कहना है कि टोल प्लाजा पर लगने वाले जाम से लोगों का समय और ईंधन दोनों बर्बाद होते हैं।
जाम और विरोध प्रदर्शन से बढ़ी परेशानी
बंधवाड़ी और पाखल टोल प्लाजा पर सुबह-शाम लंबा ट्रैफिक जाम आम बात बन गया है। हाल ही में स्थानीय लोगों ने पंचायत और विरोध प्रदर्शन कर टोल हटाने की मांग दोहराई। प्रदर्शन में फरीदाबाद, गुरुग्राम, पलवल, नोएडा और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। अब वाहन चालक सरकार से स्पष्ट जवाब चाहते हैं कि निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद भी टोल वसूली किस आधार पर जारी है।
