राज्य

इंदौर के सांवेर में जर्जर मकान गिरा, 4 महिलाओं की मौत; 5 घायल

इंदौर जिले के सांवेर थाना क्षेत्र में बुधवार को दर्दनाक हादसा हुआ। टेंशन चौराहे पर एक जर्जर मकान अचानक भरभराकर गिर गया। देखते ही देखते आसपास मौजूद लोग मलबे की चपेट में आ गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने बचाव कार्य शुरू किया।

 मलबे में दबने से चार महिलाओं की मौत

हादसे में चार महिलाओं की मलबे में दबने से मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग घायल हुए हैं। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से घायलों को मलबे से बाहर निकाला गया। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए इंदौर के एमवाय अस्पताल और अरविंदो अस्पताल में भर्ती कराया गया।

अस्पताल में घायलों का इलाज जारी

हादसे में घायल सभी लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। प्रशासन की ओर से घायलों को निशुल्क उपचार उपलब्ध कराने की बात कही गई है। हादसे की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव अभियान की निगरानी की।

 मंत्री तुलसी सिलावट ने किया घटनास्थल का निरीक्षण

घटना की जानकारी मिलते ही मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री तुलसी सिलावट भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से हादसे की जानकारी ली और राहत कार्य का जायजा लिया। मंत्री ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है।

इंदौर के सांवेर में जर्जर मकान गिरा, 4 महिलाओं की मौत; 5 घायल

 मृतकों के परिवारों को दो-दो लाख की मदद

सरकार ने हादसे में जान गंवाने वाली महिलाओं के परिवारों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा अंतिम संस्कार के लिए 20-20 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता देने की बात कही गई है। घायलों के इलाज का खर्च भी सरकार उठाएगी।

नोटिस के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल मकान की जर्जर स्थिति को लेकर उठ रहा है। जानकारी के मुताबिक, नगर परिषद पहले ही मकान मालिक को इसे गिराने के लिए नोटिस जारी कर चुकी थी। ऐसे में सवाल है कि नोटिस के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं हुई। प्रशासन अब इस पहलू की भी जांच कर रहा है।

जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी

पुलिस और प्रशासन हादसे के कारणों की पड़ताल कर रहे हैं। जिम्मेदार अधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। यदि जांच में लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल राहत-बचाव, घायलों के उपचार और हादसे की जांच पर प्रशासन का फोकस है।सांवेर का यह हादसा जर्जर इमारतों को लेकर बरती जाने वाली लापरवाही की गंभीर तस्वीर सामने लाता है। अब जरूरी है कि जांच केवल हादसे के कारण तक सीमित न रहे, बल्कि पहले जारी नोटिस पर हुई कार्रवाई की भी स्पष्ट जिम्मेदारी तय हो।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button