भरत तिवारी एनकाउंटर केस: न्यायिक जांच ने पकड़ी रफ्तार, रिटायर्ड जज पहुंचे गांव

बिहार के चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में न्यायिक जांच ने अब औपचारिक रूप से रफ्तार पकड़ ली है। घटना के आठ दिन बाद बिहार राज्य विधि आयोग की जांच टीम गुरुवार को भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड स्थित बिलौटी गांव पहुंची। जांच दल का नेतृत्व पटना हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति विनोद कुमार सिन्हा कर रहे हैं। उनके साथ शाहाबाद रेंज के डीआईजी सत्य प्रकाश, भोजपुर के जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया, पुलिस अधीक्षक राज और अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।
परिजनों से ली जानकारी, लिखित आवेदन मांगा
जांच टीम ने सबसे पहले भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात कर उनकी बात सुनी। अधिकारियों ने परिवार से पूरे घटनाक्रम से जुड़ा लिखित आवेदन देने को कहा ताकि उपलब्ध साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा सके। यह न्यायिक जांच की पहली औपचारिक कार्रवाई मानी जा रही है।
रिटायर्ड जज बोले- निष्पक्ष होगी जांच
सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति विनोद कुमार सिन्हा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह जांच टीम का पहला दौरा है। उन्होंने बताया कि परिवार के बयान और उपलब्ध सबूतों के आधार पर मामले की गहन जांच की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और सभी तथ्यों की निष्पक्ष समीक्षा की जाएगी।
मां ने दोषियों को फांसी और CBI जांच की मांग दोहराई
भरत तिवारी की मां आशा देवी ने जांच टीम के सामने अपने बेटे को न्याय दिलाने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने उनके बेटे की हत्या की है, उन्हें फांसी की सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वह जांच टीम को लिखित रूप में अपना पक्ष सौंपेंगी। साथ ही उन्होंने एक बार फिर मामले की CBI जांच कराने की मांग की और कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। उल्लेखनीय है कि इस मामले में पहले ही संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और कई पुलिसकर्मी निलंबित भी किए जा चुके हैं।
