
DELHI NEWS (India 365 news): अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर एक बार फिर परिवार दिल्ली में आवाज उठाने पहुंचा। Ankita Bhandari Case को लेकर बुधवार को अंकिता के माता-पिता राजघाट पहुंचे और वहां कुछ देर प्रार्थना करने के बाद मीडिया से अपनी बात रखी। इसके बाद वे राजघाट के मुख्य गेट के पास धरने पर बैठ गए। हालांकि कुछ देर बाद पुलिस ने उन्हें वहां से हटा दिया। इस दौरान किसी को हिरासत में नहीं लिया गया।
मिली जानकारी के मुताबिक अंकिता के माता-पिता के साथ दो अन्य लोग भी मौजूद थे। सभी लोग राजघाट के मुख्य द्वार के पास बैठकर अपनी मांग उठा रहे थे। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें कई बार समझाया कि जिस जगह वे धरना दे रहे हैं वहां विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं है। पुलिस ने उनसे दूसरी जगह जाने को कहा लेकिन जब वे वहां से नहीं हटे तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें मौके से हटा दिया।
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान अंकिता की मां सोनी देवी की तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई। उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी परेशानी बताई जिसके बाद उन्हें दिल्ली के बुराड़ी स्थित सरकारी अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सकीय और कानूनी जांच की प्रक्रिया की बात कही गई लेकिन पुलिस सूत्रों के मुताबिक सोनी देवी और उनके पति दोनों ने मेडिकल जांच कराने से इनकार कर दिया।
इस बीच बुराड़ी से आम आदमी पार्टी के विधायक संजीव झा भी अपने समर्थकों के साथ अस्पताल पहुंचे। बाद में अंकिता के माता-पिता विधायक के साथ वहां से चले गए।
यह पहला मौका नहीं है जब अंकिता के परिवार को दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। इससे पहले 14 अक्टूबर को भी अंकिता के माता-पिता ने इंडिया गेट के पास प्रदर्शन किया था। उस समय दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के विरोध में वे अपनी बात रख रहे थे। तब पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था।
गौरतलब है कि साल 2022 में उत्तराखंड के एक रिसॉर्ट में अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी। इस मामले ने पूरे देश को झकझोर दिया था। तब से परिवार लगातार न्याय की मांग उठा रहा है। दिल्ली के राजघाट पर हुई इस घटना के बाद एक बार फिर अंकिता के परिवार की मांग और उनके संघर्ष को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
