
UTTAR PARDESH NEWS(India 365 news): यूपी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर चुनाव आयोग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले आयोग ने अधिकारियों की तैनाती और मतदाता सूची को लेकर सख्त रुख अपना लिया है। नए निर्देशों के मुताबिक अब कोई भी अधिकारी अपने गृह जिले में चुनाव से जुड़ी जिम्मेदारी नहीं संभाल सकेगा। इसके अलावा एक ही जिले में तीन साल से ज्यादा समय से तैनात अधिकारियों को भी हटाने की तैयारी है।
दरअसल साल 2027 की शुरुआत में उत्तर प्रदेश पंजाब मणिपुर गोवा और उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव होने हैं। इन चुनावों को देखते हुए चुनाव आयोग ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी कड़ी में 2 नवंबर को आयोग ने उत्तर प्रदेश के चार मंडलों के 18 जिलों में चुनावी तैयारियों की समीक्षा की। इस बैठक में अधिकारियों को साफ कहा गया कि चुनाव से जुड़ा हर काम समय रहते पूरा कर लिया जाए।
बैठक के दौरान मतदाता सूची को सही करने और नए वोटरों के नाम जोड़ने पर खास जोर दिया गया। आयोग ने मतदान केंद्रों पर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने और ईवीएम तथा वीवीपैट मशीनों के इंतजाम दुरुस्त रखने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही चुनाव ड्यूटी में लगाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को समय पर ट्रेनिंग देने के लिए भी कहा गया है।
चुनाव आयोग ने अधिकारियों के तबादलों को लेकर भी अपना रुख साफ कर दिया है। जिन अधिकारियों ने पिछले चार साल के दौरान 31 मई 2027 तक किसी एक जिले में तीन साल पूरे कर लिए हैं उन्हें उस जिले से हटाया जाएगा। इस नियम में इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर एसडीएम जॉइंट मजिस्ट्रेट और तहसीलदार जैसे अधिकारी भी शामिल हैं।
आयोग ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक से 30 नवंबर तक संयुक्त रिपोर्ट मांगी है। इस रिपोर्ट में बताना होगा कि आयोग के निर्देशों पर कितना काम हुआ है और किन अधिकारियों का तबादला किया गया है।
फिलहाल इन तैयारियों से साफ है कि चुनाव आयोग आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरतना चाहता। हालांकि चुनाव की तारीखों का आधिकारिक ऐलान अभी नहीं हुआ है लेकिन यूपी में प्रशासनिक स्तर पर हलचल जरूर तेज हो गई है।
